दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें दो सप्ताह (14 दिनों) के लिए अंतरिम ज़मानत मंजूर कर दी है।
उमर खालिद ने अपनी अर्जी में बताया था कि उनकी बहन का निकाह 27 दिसंबर को है और उन्हें परिवार के इस महत्वपूर्ण अवसर में शामिल होने के लिए अस्थायी रिहाई की आवश्यकता है।
अदालत ने उनकी दलील स्वीकार करते हुए यह अंतरिम राहत प्रदान की।
किन शर्तों पर मिली ज़मानत?
अदालत ने कुछ सामान्य शर्तों के साथ ज़मानत दी है—
निर्धारित अवधि पूरी होते ही सरेंडर करना होगा।
अदालत की अनुमति के बिना शहर छोड़ने की अनुमति नहीं।
जांच प्रक्रिया में सहयोग करना अनिवार्य होगा।
गौरतलब हो कि उमर खालिद दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में गिरफ्तार हैं और कई बार नियमित ज़मानत अर्जी उच्च अदालतों में लंबित या खारिज हो चुकी है।
हालांकि मानवीय आधार पर, विशेष अवसरों के लिए अंतरिम ज़मानत पहले भी दी जा चुकी है।

