तीसरैं दिन बाल कृष्ण की अलौकिक छबि सूँ ब्रजमय भयो नवीन गल्ला मंडी परिसर
आगरा। श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति कूँ ओर सूँ आयोजित श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के तीसरैं दिन गुरुवार सायंकाल भक्तिरस आपनौ चरम पै दिखायौ। नवीन गल्ला मंडी परिसर मैं सजी दिव्य झांकी, मधुर भजन अरु भावपूर्ण अभिनय नै ऐसौ ब्रज रस रच दियो, ज्यूँ लागै कै नंदलाल आपैं बाल रूप मैं ब्रजवासन संग क्रीड़ा करि रहे हों। बाल लीलान अरु उखल बंधन प्रसंग नै श्रद्धालन कूँ वात्सल्य अरु भक्ति के सागर मैं डुबो दियो।
कार्यक्रम कौ आरंभ ठाकुर जी अरु स्वरूपन की विधिवत आरती सूँ भयौ। या अवसर पै अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह, मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल, विक्रांत गोयल, गगन गोयल अरु अमन गोयल नै आरती उतारि आशीष लियौ।
नित्य रासलीला कलाकारन नै बाल लीलान कौ सजीव मंचन करौ। बाल कृष्ण की चंचल छबि, सखान संग क्रीड़ा अरु मैया यशोदा कौ अथाह वात्सल्य देख कै सभै जन भावविभोर हो गयौ। बाल गोपाल की मुस्कान अरु नटखट अदान नै सबन कूँ मोहित कर दियौ। पूरा पंडाल “जय कन्हैया लाल की” के जयकारन सूँ गूंज उठौ।
पाछै उखल बंधन लीला कौ हृदयस्पर्शी मंचन भयौ। लीला मैं देखायौ गयौ कै जब मैया यशोदा नटखट कन्हैया कूँ उखल सूँ बांधन चाहैं, तौ रस्सी बार-बार दुई अंगुल छोटी रह जाय। आखिर मातृ प्रेम के आगैं आपैं भगवान भी बंध गयौ। या प्रसंग बतावै है कै ठाकुर जी कूँ सांचौ प्रेम अरु समर्पण सूँ ही बांध्यौ जा सकै। उखल सूँ बंधे लालन नै यमलार्जुन वृक्षन कौ उद्धार करि भक्तन कूँ भावमग्न कर दियौ।
स्वामी लक्ष्मण जी महाराज अरु स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर नै आशीर्वचन मैं कह्यौ कै बाल लीलान सूँ हमैं सीख मिलै है कै प्रभु सर्वशक्तिमान होय कै भी भक्तन के प्रेम के अधीन हो जात हैं। निष्कपट भक्ति ही प्रभु प्राप्ति कौ सरल मारग है।
मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल नै बतायौ कै शुक्रवार सायंकाल रासोत्सव मैं भव्य दशावतार लीला कौ मंचन होइहै।

