लखनऊ। आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकतंत्र को झकझोर देने वाला सनसनीख़ेज़ खुलासा सामने आया। विपक्ष ने जनता के सामने उस बहादुर नागरिक ‘नंदलाल’ को पेश किया, जिसके नाम पर भाजपा द्वारा सैकड़ों फ़र्ज़ी फ़ॉर्म-7 तैयार कर अल्पसंख्यकों समेत पीडीए वर्ग के वोट काटने की कथित साज़िश रची गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि नंदलाल पढ़े-लिखे नहीं हैं और वह हस्ताक्षर नहीं करते, केवल अंगूठा लगाते हैं, जबकि उनके नाम से बनाए गए फ़ॉर्म-7 पर बाकायदा हस्ताक्षर मौजूद हैं। यह तथ्य सामने आते ही चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह कृत्य केवल एक व्यक्ति के साथ धोखा नहीं, बल्कि देश और लोकतंत्र के साथ सरेआम विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि भाजपा, उसके सहयोगियों और समर्थकों के लिए इससे अधिक शर्मनाक स्थिति और क्या हो सकती है कि वोट की पवित्रता से खुला खिलवाड़ किया गया।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि आज भाजपा से जुड़ाव समाज में एक नकारात्मक पहचान बनता जा रहा है। जनता अब ऐसे लोगों को संदेह और कटाक्ष की नज़र से देखने लगी है। हालात ऐसे हैं कि “देखो, भाजपाई जा रहा है” जैसी बातें सामाजिक असहजता और नैतिक दबाव का कारण बन रही हैं।
वक्ताओं का कहना था कि जो लोग कैमरे के सामने वोट निरस्त करने जैसी “चंडीगढ़ी चाल” चल सकते हैं, वे पर्दे के पीछे चुनाव जीतने के लिए किन-किन हथकंडों का सहारा लेते होंगे, इसका अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक अरुण वर्मा सहित सभी जागरूक और सक्रिय पीडीए प्रहरियों की भूमिकाा भूमिका की सराहना की गई, जिन्हें “लोकतंत्र सेनानी” बताते हुए कहा गया कि उनका योगदान इतिहास में दर्ज़ होने योग्य है। साथ ही उन निर्भीक और ईमानदार पत्रकारों का भी अभिनंदन किया गया, जो सत्ता के दबाव से ऊपर उठकर लोकतंत्र की रक्षा में जुटे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में वक्ताओं ने दोहराया कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली किसी भी साज़िश के खिलाफ़ जनता को सतर्क रहना होगा और सच को सामने लाने की यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

