Times of Taj | हेल्थ डेस्क
रमज़ान के पाक महीने में अक्सर देखा जाता है कि रोज़ा खोलते ही सूप, खजूर या कॉफी पीने के बाद लोगों को तुरंत पेट भरा हुआ महसूस होने लगता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? इस बारे में न्यूट्रिशन विशेषज्ञों ने अहम जानकारी दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कई घंटों तक भूखे-प्यासे रहने के बाद शरीर का डाइजेस्टिव सिस्टम धीमा हो जाता है। जब इफ़्तार के समय अचानक खाना पेट में पहुंचता है, तो पाचन क्रिया धीरे-धीरे सक्रिय होती है। इसी वजह से थोड़ा-सा भोजन भी पेट भरा हुआ महसूस कराता है।
🔬 हार्मोनल बदलाव भी हैं वजह
रोज़े के दौरान शरीर में भूख और तृप्ति से जुड़े हार्मोन्स में बदलाव आता है। लंबे समय तक न खाने से शरीर ऊर्जा बचाने की प्रक्रिया अपनाता है, जिससे कम मात्रा में भी संतुष्टि महसूस होती है।
⚠️ जल्दबाज़ी और तला-भुना खाना बढ़ाता है परेशानी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इफ़्तार में बहुत तेज़ी से खाना या ज़्यादा ऑयली और फ्राइड चीज़ें खाना पेट फूलने और भारीपन की बड़ी वजह बनता है। जल्दी-जल्दी खाने से पेट में हवा भर जाती है, जिससे गैस और असहजता होती है।
🌙 इफ़्तार का सही तरीका क्या है?
✔️ सबसे पहले एक गिलास पानी से रोज़ा खोलें
✔️ 2-3 खजूर खाएं
✔️ कुछ मिनट का विराम लें और मग़रिब की नमाज़ अदा करें
✔️ इसके बाद सूप, अंडा या चिकन जैसे हल्के प्रोटीन से शुरुआत करें
✔️ ज्यादा तला-भुना और स्टार्ची भोजन से बचें
✔️ फलों को आहार में शामिल करें
✔️ दो घंटे बाद हल्का संतुलित भोजन लें
✔️ केला खाने से प्यास और डिहाइड्रेशन कम करने में मदद मिलती है
✨ रोज़ा देता है सब्र और अनुशासन
विशेषज्ञों का कहना है कि रोज़ा सिर्फ भूखा रहने का नाम नहीं, बल्कि यह आत्म-नियंत्रण और अनुशासन की ट्रेनिंग है। जब इंसान खाने जैसी मजबूत आदत पर काबू पा लेता है, तो जिंदगी के अन्य क्षेत्रों में भी नियंत्रण हासिल करना आसान हो जाता है।
Times of Taj अपने पाठकों से अपील करता है कि रमज़ान में संतुलित और सेहतमंद खान-पान अपनाएं, ताकि इबादत के साथ सेहत भी बेहतर बनी रहे।

