मक्का (सऊदी अरब)। इस वर्ष मस्जिद अल-हरम में उमराह के दौरान 1.1 करोड़ से अधिक जायरीन के पहुँचने से ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम हुआ है। इतनी विशाल भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना किसी भी देश के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन सऊदी अरब ने अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के जरिए इसे सफलतापूर्वक संभव कर दिखाया है।
🤖 AI आधारित क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम बना सहारा
सऊदी प्रशासन ने इस बार रियल टाइम मॉनिटरिंग करने वाले AI आधारित क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम को सक्रिय किया है। यह सिस्टम स्मार्ट कैमरों और सेंसर की मदद से भीड़ के घनत्व, गतिविधि और आवाजाही पर लगातार नजर रखता है।
जैसे ही किसी क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ता है, सिस्टम तुरंत अधिकारियों को अलर्ट भेज देता है। इससे संभावित भगदड़ या जाम की स्थिति को पहले ही नियंत्रित कर लिया जाता है।
🛡️ सुरक्षा और व्यवस्था को मिली नई ऊंचाई
AI तकनीक की मदद से सुरक्षा बलों और स्वयंसेवकों को सही समय पर सही स्थान पर तैनात किया जा रहा है। आपात स्थिति में एंबुलेंस और राहत सेवाएं भी तुरंत पहुंचाई जा सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में हज और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए भी एक मॉडल साबित होगी।
✨ ज़ायरीन को मिल रहा सुकून
इस आधुनिक व्यवस्था के कारण लाखों जायरीन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में इबादत करने का अवसर मिल रहा है। धार्मिक आस्था और तकनीक का यह संगम भीड़ प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई मिसाल बन गया है।

