आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए अत्याधुनिक तकनीक से अंधता से पीड़ित मरीज को नई रोशनी दी है। 81 वर्षीय बुजुर्ग के नेत्रदान से प्राप्त कॉर्निया की बाहरी परतों का सफल प्रत्यारोपण कर 50 वर्षीय महिला को फिर से देखने की क्षमता मिल गई है।
डीएएलके तकनीक से मिला लाभ
डॉक्टरों ने बताया कि बुजुर्ग दाता की कॉर्निया की अंदरूनी परतें उपयुक्त नहीं थीं, ऐसे में डीप एंटीरियर लैमेलर केराटोप्लास्टी (DALK) तकनीक का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया में पूरी कॉर्निया बदलने की बजाय केवल बाहरी परत (स्ट्रोमा) का प्रत्यारोपण किया जाता है। सर्जरी के बाद महिला को फिर से दिखाई देने लगा और सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पहले चोट से गई थी आंख की रोशनी
करीब एक वर्ष पहले महिला की बाईं आंख में चोट लगने से घाव हो गया था। इलाज के बाद घाव तो ठीक हो गया, लेकिन आंख की रोशनी चली गई। इसके बाद उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज में कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए पंजीकरण कराया था।
नेत्रदान से मिला जीवनदान
नेत्र बैंक प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार के अनुसार, 81 वर्षीय बुजुर्ग के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान किया था। उम्र अधिक होने के कारण पूरी कॉर्निया उपयोगी नहीं थी, इसलिए केवल बाहरी परत का ही उपयोग किया गया। महिला मरीज की अंदरूनी परत स्वस्थ होने के कारण यह सर्जरी सफल रही।
एक घंटे चली सर्जरी
करीब एक घंटे चली इस जटिल सर्जरी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही। इस तकनीक से एक ही कॉर्निया को कई मरीजों के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ईएनटी विभाग में भी जटिल सर्जरी सफल
वहीं, कॉलेज के ईएनटी विभाग में 35 वर्षीय महिला की सीएसएफ राइनोरिया (नाक से मस्तिष्क द्रव का रिसाव) की भी सफल सर्जरी की गई। एंडोस्कोपिक सर्जरी के जरिए बिना मस्तिष्क खोले नाक के रास्ते बोन डिफेक्ट को ठीक किया गया, जिसके बाद मरीज को राहत मिल गई।
डॉक्टरों की टीम को सराहना
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने जटिल सर्जरी के लिए पूरी टीम को बधाई दी। इस टीम में डॉ. सौम्यता नीरज, डॉ. रोहिणी, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अर्पिता, डॉ. पल्लिका, डॉ. काजल और डॉ. अनुभव शामिल रहे।
👉 यह सफलता न केवल आधुनिक चिकित्सा तकनीक का उदाहरण है, बल्कि नेत्रदान के महत्व को भी दर्शाती है, जिससे कई लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है।

