आगरा। 11 रबीउल अव्वल, 25 अगस्त 2026 को दरगाह नबी करीम कदम रसूल, सराय बोदला, आगरा में जश्ने ईद मिलादुन्नबी ﷺ एवं पांच रोजा सालाना उर्स के तीसरे दिन धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम अकीदत और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए गए। इस अवसर पर दरगाह के खादिमों की सरकारी चादर का जुलूस दरगाह के गद्दीनशीन शैख मोहम्मद आमिर कादरी शफीकी अशरफी नियाजी की सरपरस्ती में बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया।

जुलूस में सभी धर्मों और मिल्लतों से जुड़े सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। अकीदतमंद नात-ए-पाक पढ़ते हुए और दरूद-ओ-सलाम का नजराना पेश करते हुए दरगाह की ओर बढ़े। जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया गया। विभिन्न समुदायों के लोगों की सहभागिता ने आगरा की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता की खूबसूरत मिसाल पेश की।
इस मौके पर महिला सशक्त सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष शबाना खंडेलवाल, ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड (यूथ) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर मुहम्मद आदिल, महानगर कांग्रेस अल्पसंख्यक अध्यक्ष बशीर उल हक रॉकी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित सिंह, समाजवादी पार्टी लीडर नितिन कोहली, कांग्रेस लीडर मनोज बोरा, शानू खान, बुरहान शम्शी तथा गरीब सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाल योगी सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।
मोहब्बत और भाईचारे का दिया संदेश
इस मौके पर शबाना खंडेलवाल ने कहा कि “ईद मिलादुन्नबी ﷺ का पैगाम मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे का है। आगरा की पहचान आपसी प्रेम और गंगा-जमुनी तहजीब से है। हमें हर धर्म और समुदाय का सम्मान करते हुए एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़ा होना चाहिए।”
इंजीनियर मुहम्मद आदिल ने कहा कि “रसूल-ए-अकरम हजरत मोहम्मद ﷺ ने इंसानियत, अमन और भाईचारे की शिक्षा दी। आज जरूरत है कि हम उनके बताए रास्ते पर चलते हुए समाज में नफरत के बजाय मोहब्बत को बढ़ावा दें। सभी धर्मों के लोगों का एक साथ जुलूस में शामिल होना एकता की खूबसूरत मिसाल है।”
बशीर उल हक रॉकी ने कहा कि “आगरा की मिट्टी हमेशा से भाईचारे और सद्भाव की गवाह रही है। दरगाह कदम रसूल पर विभिन्न धर्मों के लोगों का एक साथ आना इस बात का संदेश है कि हमारी ताकत हमारी एकता में है।”
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि “धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत हम सबको जोड़ती है। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं। आगरा की गंगा-जमुनी तहजीब को हर हाल में कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
सपा लीडर नितिन कोहली ने कहा कि “मोहब्बत और भाईचारा ही समाज को मजबूत बनाता है। दरगाह कदम रसूल पर सभी समुदायों के लोगों की मौजूदगी आगरा की साझा संस्कृति और एकता की मिसाल है।”
कांग्रेस लीडर मनोज बोरा ने कहा कि “ईद मिलादुन्नबी ﷺ का अवसर हमें इंसानियत और एक-दूसरे का सम्मान करने की सीख देता है। समाज में अमन और भाईचारे का संदेश जितना मजबूत होगा, देश उतना ही मजबूत होगा।”
गरीब सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाल योगी ने कहा कि “हमारी संस्कृति हमें जोड़ना सिखाती है, तोड़ना नहीं। अलग-अलग धर्मों के लोग जब एक साथ खुशी मनाते हैं तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। यही भारत की खूबसूरती और हमारी असली ताकत है।”
कार्यक्रम में मौजूद शानू खान और बुरहान शम्शी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और शांति को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
दरगाह परिसर में दिनभर अकीदतमंदों की भीड़ रही। लोगों ने दरगाह पर हाजिरी देकर चादरपोशी की और देश-प्रदेश में अमन, खुशहाली, भाईचारे तथा आपसी मोहब्बत के लिए दुआएं कीं। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आस्था के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारा सभी को एक सूत्र में बांधता है।
