नई दिल्ली। प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर भारत से करीब तीन हजार सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान जाएगा। केंद्र सरकार ने श्रद्धालुओं के पाकिस्तान दौरे को मंजूरी प्रदान कर दी है। जत्था 22 नवंबर को वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान रवाना होगा और एक दिसंबर को भारत वापस लौटेगा।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, महासचिव जगदीप सिंह काहलों और विदेश मामलों के सलाहकार परमजीत सिंह चंडोक ने केंद्र सरकार के फैसले पर खुशी जताई है।
हरमीत सिंह कालका ने बताया कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की ओर से एक जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रकाश पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान भेजने की अनुमति मांगी गई थी। गृह मंत्रालय ने कमेटी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए तीन हजार श्रद्धालुओं के जत्थे को पाकिस्तान जाने की अनुमति दी है।
इन ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे श्रद्धालु
करीब 10 दिवसीय यात्रा के दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित प्रमुख ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे। इनमें गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब, श्री गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान, गुरुद्वारा सच्चा सौदा, गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब और गुरुद्वारा डेरा साहिब लाहौर प्रमुख हैं।
गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक सभी श्रद्धालुओं के पासपोर्ट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद भारत सरकार पाकिस्तान सरकार को श्रद्धालुओं की सूची भेजेगी। इसी सूची के आधार पर जत्थे को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलेगी।
किस राज्य से कितने श्रद्धालु जाएंगे?
- दिल्ली: 555
- पंजाब: 1,800
- हरियाणा: 200
- हिमाचल प्रदेश: 15
- जम्मू-कश्मीर: 40
- झारखंड: 16
- कर्नाटक: 10
- मध्य प्रदेश: 10
- महाराष्ट्र: 90
- ओडिशा: 10
- राजस्थान: 50
- उत्तर प्रदेश: 35
- उत्तराखंड: 25
- पश्चिम बंगाल: 5
- चंडीगढ़: 45
कुल निर्धारित कोटा: 2,906 श्रद्धालु
कालका ने संगत से अपील की है कि जो श्रद्धालु जत्थे में शामिल होना चाहते हैं, वे समय रहते अपने पासपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित संस्था के पास जमा करवाएं, ताकि गृह मंत्रालय से आवश्यक अनुमति की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
