आगरा। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से हुई भारी तबाही पर समाजी कार्यकर्ता एवं इस्लामी स्कॉलर मौलाना अल्तमश रहमानी ने गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील की।
मौलाना अल्तमश रहमानी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी धर्म, जाति या सरहद को देखकर नहीं आती। आज नेपाल के लोग जिस दर्द और संकट से गुजर रहे हैं, उसमें हर इंसान का फर्ज है कि वह इंसानियत के नाते पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आए।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की जान जाना और सैकड़ों लोगों का लापता होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। ऐसे समय में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राहत, बचाव और पीड़ितों की सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने भारत सहित दुनिया के तमाम देशों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और जरूरी संसाधन पहुंचाने में सहयोग करें।
मौलाना ने कहा, “मुसीबत की इस घड़ी में इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। हम नेपाल के सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं और दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला सभी लोगों की हिफाजत फरमाए, घायलों को जल्द शिफा दे और लापता लोगों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाए।”
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग करें और प्रभावित परिवारों के लिए दुआ करें।
