ताजमहल और फतेहपुर सीकरी पर पर्यटकों की स्क्रीनिंग, 5 हजार टैमीफ्लू टैबलेट का ऑर्डर
एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में विशेष वार्ड व बेड आरक्षित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन
आगरा, 31 अगस्त 2026। स्वाइन फ्लू (H1N1) को लेकर आगरा स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए आगरा में भी स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बचाव और रोकथाम के लिए जारी एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रावत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगरा एक प्रमुख पर्यटन नगरी है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
ताजमहल और फतेहपुर सीकरी में पर्यटकों की स्क्रीनिंग
प्रभारी सीएमओ ने बताया कि ताजमहल और फतेहपुर सीकरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संभावित लक्षणों वाले लोगों पर नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की समय रहते पहचान की जा सके।
स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवा टैमीफ्लू (Tamiflu) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने 5,000 टैबलेट का ऑर्डर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अस्पतालों में बेड और विशेष वार्ड आरक्षित
स्वाइन फ्लू के लिए नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि एहतियात के तौर पर एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में विशेष वार्ड तथा बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के चिकित्सकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे संभावित मरीजों की पहचान और उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल और रैपिड रिस्पांस टीम के मेडिकल स्टाफ को एंटी-स्वाइन फ्लू वैक्सीन भी लगाई जा चुकी है।
हर सर्दी-जुकाम वाले मरीज की नहीं होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि हर सर्दी-जुकाम या बुखार के मरीज की स्वाइन फ्लू जांच नहीं की जाएगी। गंभीर लक्षण वाले मरीजों की चिकित्सकीय जांच और आवश्यकता के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच की जाएगी।
नोडल अधिकारी ने लोगों से अपील की कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करते हुए संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या करें
- सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- खांसने या छींकने वाले व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें।
- खुद खांसते या छींकते समय रूमाल या टिश्यू का इस्तेमाल करें।
- समय-समय पर साबुन और पानी से हाथ साफ करते रहें।
- सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर पर्याप्त आराम करें और चिकित्सकीय सलाह लें।
क्या न करें
- बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।
- सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- खांसी और गले में खराश
- सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ या सीने में दर्द
- शरीर और सिर में तेज दर्द
- अत्यधिक कमजोरी या थकान
यदि किसी व्यक्ति में गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल या चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इन लोगों को अधिक सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुछ लोगों में स्वाइन फ्लू से गंभीर बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है। इनमें:
- 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
- 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- रक्त संबंधी बीमारी से पीड़ित लोग
- डायबिटीज के मरीज
- तंत्रिका तंत्र की बीमारी से पीड़ित लोग
- कैंसर, टीबी या एचआईवी-एड्स से पीड़ित लोग
- फेफड़े, हृदय, किडनी या लीवर की बीमारी से पीड़ित लोग
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि स्वाइन फ्लू को लेकर पैनिक करने के बजाय सावधानी बरतें, लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लें और संक्रमण से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करें।
