आगरा: विश्व स्मारक ताजमहल में लपको का खुलाआतंक हैं। सैकड़ों की संख्या में अवैध गाइड आसानी से प्रवेश कर पर्यटकों को घुमाने का काम कर रहे हैं। रिक्शा, तांगे वाले पर्यटकों को बड़ी आसानी से घेरकर अपनी तय दुकानों पर मुसाफिरों को बिकवाने का काम कर रहे हैं। एएसआई, पर्यटन विभाग से लेकर पुलिस मूकदर्शक बनने का काम कर रहा हैं।
बताते चले कि सबसे ज्यादा लपको (रोड गाइड) का ठिकाना आगरा फोर्ट की श्मशान घाट से लेकर जीवनी मंडी और हाथी घाट अट्टा बन चुका हैं। कुछेक फूल सैयद चौराहे से बहार की गाड़ियों को घेरकर अपना गाइड लगा देते हैं। बाद में गाइड बिना लाइसेंस होने के बावजूद ताजमहल में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।ताजमहल में एएसआई के अधिकारी ऐसे अवैध गाइडों को बिना जांच पड़ताल एंट्री कैसे देते हैं, सोचनीय विषय हैं?
मात्र 10 रुपए सवारी में हज़ारों की कमाई…
सूत्रों की मानी जाए तो तांगे वालो से लेकर टिरी रिक्शा वाले सैकड़ों की तादाद में मुसाफिरों को मात्र 10 रुपए में पर्यटकों को ताजमहल पहुंचाने की बात करते हैं। सवारी इनके झांसे में आ जाते हैं। इसके बाद फिल्मी सीन शुरू होता हैं। सूत्रों के अनुसार ये सब पुलिस की आंखों के सामने हो रहा हैं। पर्यटक जब इनकी बातचीत शुरू होती हैं। ये बताते है कि ताजमहल में अभी दो घंटे सफाई अभियान चल रहा हैं अथवा अभी वीआईपी आया हैं। अभी प्रवेश नहीं हो पाएगा।
सूत्रों के अनुसार पर्यटक इनकी बात मान लेते है। इसके बाद शुरू होता हैं खरीदारी का खेल। सभी तांगे और रिक्शे वालों की सेटिंग हैंडीग्राफ्ट शोरूम पर बनी हैं। अब पर्यटक को दो घंटे दुकान पर शॉपिंग कराई जाती हैं जिसमें इनका कमीशन 40 प्रतिशत प्राप्त होता हैं। कमाई हुई नहीं ताजमहल खुल जाता है और 10 रुपए की सवारी पर्यटकों को हजारों रुपए की शॉपिंग पर बनती हैं।
पुलिस का अभियान ,151 में चालान…
ऐसा नहीं हैं कि समय समय पर पुलिस अभियान नहीं चलाती हैं। पुलिस द्वारा अभियान चलाया जाता हैं लेकिन धारा 151 लगाकर थाने भेजा जाता हैं। एक रात थाने की जेल में रखकर जिला अस्पताल में डाक्टरी मुआयना कराकर आसानी सेजमानत मिल जाती हैं। दूसरे दिन से लपके फिर सक्रिय हो जाते हैं।
