तेहरान/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान में लगभग 660 सुन्नी उलेमा ने एक संयुक्त फतवा जारी कर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ संघर्ष का समर्थन किया है। उलेमा ने इसे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई बताते हुए क्षेत्र में चल रहे संघर्ष में ईरान का समर्थन करने की बात कही है।
फतवे में उलेमा ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए देश की सेना और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) को समर्थन देने की भी घोषणा की। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान में सुन्नी और शिया धार्मिक नेताओं द्वारा एक साथ इस तरह का बयान सामने आना असामान्य माना जा रहा है।
इसी बीच खबरें हैं कि ईरान की ओर बढ़ रहे अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln (CVN‑72) के पास ड्रोन गतिविधि देखी गई। बताया जा रहा है कि ड्रोन हमले की आशंका के बाद जहाज ने तुरंत अपनी दिशा बदल दी। हालांकि इस घटना में पोत को किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
रिपोर्टों के अनुसार खतरे की आशंका के बाद विमानवाहक पोत ने तेज गति से क्षेत्र से दूरी बना ली। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का संकेत हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।

