लखनऊ। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ चल रहे कथित यौन उत्पीड़न मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। मामले पर सियासी घमासान के बीच आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक व्यक्ति ने चौंकाने वाला दावा किया।
प्रेस वार्ता में पहुंचे हरदोई निवासी (वर्तमान में शाहजहांपुर में रह रहे) रमा शंकर दीक्षित ने आरोप लगाया कि उनसे संपर्क कर उनकी बेटियों के नाम पर शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के लिए कथित रूप से “लालच” दिया गया। उन्होंने दावा किया कि यह प्रस्ताव आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से आया, लेकिन उन्होंने इसे सिरे से ठुकरा दिया।
रमा शंकर दीक्षित ने कहा कि उनकी तीन बेटियां हैं और वह किसी भी परिस्थिति में झूठा आरोप लगाने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना है कि सच सामने आना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस बयान के बाद पूरे प्रकरण ने नया राजनीतिक रंग ले लिया है। एक ओर समर्थक इसे साजिश बता रहे हैं, तो दूसरी ओर विरोधी पक्ष स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।

