आगरा में सजा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विश्वस्तरीय मंच, सात राज्यों की 150 से अधिक स्टॉलों ने बिखेरी नवाचार और उद्यमिता की चमक
आगरा। उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह बात उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने आगरा के होटल जेपी पैलेस में आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन अवसर पर कही।

चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, आगरा द्वारा आयोजित इस भव्य एक्सपो का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल एवं प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया।
एमएसएमई और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर होंगे विकास के इंजन
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में एमएसएमई तथा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सरकार अवसर और संसाधन उपलब्ध कराती है, जबकि वास्तविक विकास उद्यमियों, किसानों और युवाओं के प्रयासों से होता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे चार करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। प्रदेश के निर्यात में भी इन इकाइयों का बड़ा योगदान है।

किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारतीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
150 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
एक्सपो में उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों की 150 से अधिक स्टॉलों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी में खाद्य तेल, आटा, मसाले, ड्राई फ्रूट्स, पेठा, आइसक्रीम, बबल टी, बेकरी उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग मशीनरी, कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और आधुनिक फूड टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया गया।
‘लोकल टू ग्लोबल’ पर हुई विशेष चर्चा
तकनीकी सत्र में “लोकल टू ग्लोबल” विषय पर विशेषज्ञों ने खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानाचार्य लोकेश सेंगर ने पीएमएफएमई योजना, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए उपलब्ध अनुदान और फूड साइंस ट्रेनिंग सेंटर की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्यवर्धक एवं सुरक्षित खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग भविष्य की आवश्यकता बनती जा रही है।
एपीडा के प्रतिनिधि आलोक मिश्रा ने उद्यमियों को निर्यात संवर्धन योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसरों की जानकारी दी। वहीं युवा उद्यमी सिद्धार्थ अग्रवाल ने गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग को सफलता की कुंजी बताया।
वैश्विक बाजार में मजबूत हो रही भारत की उपस्थिति
एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सीबी सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि एवं खाद्य उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है। भारतीय लीची का निर्यात पहली बार दुबई तक पहुंचा है और भारत आने वाले वर्षों में एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि आगरा भविष्य में फूड पार्क और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
उद्योग, निवेश और नवाचार का संगम
चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि यह एक्सपो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देने वाला मंच साबित होगा। मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ‘रावी’ ने बताया कि तीन दिनों तक विभिन्न तकनीकी, नीतिगत और व्यावसायिक विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आज होंगे डेयरी, बैंकिंग और कौशल विकास पर विशेष सत्र
फूड एक्सपो के दूसरे दिन 15 जून को डेयरी उद्योग, बैंकिंग सहयोग, निवेश, एमएसएमई वित्तीय समावेशन तथा कौशल विकास पर केंद्रित विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, यूपीएसआईसी के प्रबंध निदेशक रोहित आनंद (आईएएस) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग विशेषज्ञ भाग लेंगे।
प्रमुख उपस्थितजन
कार्यक्रम में अजय अग्रवाल, वी.के. वर्मा, डॉ. सी.बी. सिंह, अनुज कुमार, शैलेन्द्र सिंह, पूरन दावर, भूवेश अग्रवाल, अनुज सिंघल, राजेश अग्रवाल, विनय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, उद्यमी एवं निवेशक उपस्थित रहे।

