नगर निगम अधिकारियों की आख्या पर उठे सवाल, स्वतंत्र जांच कराने की मांग
आगरा। नगर निगम आगरा से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करने वाले एक नागरिक ने नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त आगरा से हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी शिकायतों का निस्तारण करने के बजाय अधिकारियों ने आख्या में उन्हें “मानसिक विक्षिप्त” बताकर उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
जगदीशपुरा क्षेत्र के भीमनगर निवासी विशेष राठौर ने मंडलायुक्त आगरा को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए 31 मार्च 2025 को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या 40014625016201 दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि इससे पूर्व भी वह कई बार जनहित से जुड़े मामलों को लेकर शिकायतें दर्ज करा चुके हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित शिकायत के निस्तारण के दौरान जांच अधिकारी राघवेंद्र सिंह एवं निस्तारण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा द्वारा प्रस्तुत आख्या में उन्हें “मानसिक विक्षिप्त” बताया गया। विशेष राठौर का आरोप है कि यह टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है बल्कि एक नागरिक की गरिमा और सम्मान के अधिकार का भी उल्लंघन है।
प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में किसी सरकारी अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग लोक सेवक आचार संहिता की भावना के भी विपरीत है।
विशेष राठौर ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में विभागीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा उन पर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें न करने के लिए दबाव बनाया जाता रहा है। उन्होंने मंडलायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि उनकी मूल शिकायत की समीक्षा किसी स्वतंत्र अधिकारी अथवा अन्य विभाग के सक्षम अधिकारी से कराई जाए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके और क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सके।
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है तथा संबंधित दस्तावेज संलग्न किए हैं।
उल्लेखनीय है कि मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

