लखनऊ। Election Commission of India ने चुनावी खर्च का ब्योरा जमा न करने पर उत्तर प्रदेश के छह प्रत्याशियों को तीन वर्षों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। ये सभी उम्मीदवार अब अगले तीन साल तक किसी भी विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने बताया कि संबंधित प्रत्याशियों को 25 फरवरी 2026 से तीन वर्ष की अवधि के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। इस अवधि के दौरान वे किसी भी राज्य, संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य चुने जाने के पात्र नहीं होंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 78 के तहत हर उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा और वाउचर जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करना अनिवार्य होता है।
हालांकि इन छह उम्मीदवारों ने आयोग द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद न तो खर्च का ब्योरा जमा किया और न ही कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
इन प्रत्याशियों के नाम शामिल:
- Bisauli (जिला Budaun) से चुनाव लड़ने वाली प्रज्ञा यशोदा और सुरेंद्र
- Shekhupur (बदायूं) से चुनाव लड़ने वाली ममता देवी
- Dataganj (बदायूं) से चुनाव लड़ने वाले ओमवीर और मुन्ना लाल
- Sahaswan (जिला Sambhal) से चुनाव लड़ने वाले अनिल कुमार
निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई को चुनावी पारदर्शिता और नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

