नई दिल्ली। संसद में अक्सर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को विभिन्न मुद्दों पर एक-दूसरे पर कटाक्ष करते और तीखी टिप्पणियां करते देखा जाता है, लेकिन वेतन और भत्तों के मामले में आमतौर पर सभी दलों के सांसद एकजुट नजर आते हैं।
हालांकि, एक विशेष आरटीआई के जवाब में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार मौजूदा लोकसभा में केवल दो सांसद ऐसे हैं जिन्होंने अपना वेतन न लेने का विकल्प चुना है। इनमें कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद Naveen Jindal और इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद Bimol Akoijam शामिल हैं।
Lok Sabha सचिवालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, Naveen Jindal ने एक कदम आगे बढ़ते हुए न केवल सांसद के रूप में मिलने वाला वेतन, बल्कि सभी सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी पूरी तरह से छोड़ दी हैं।
कुरुक्षेत्र से लेकर इंफाल तक फैले दो अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन दोनों सांसदों ने जनसेवा में सादगी और जिम्मेदारी का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले को सेवा भावना और नैतिक जिम्मेदारी की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

