रतन टाटा को समर्पित, इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूल शिक्षा को सशक्त बनाने पर केंद्रित
नई दिल्ली, इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन, 26 मार्च 2026 को श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, देशभर के विद्यालयों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ (नमो अध्ययन केन्द्र) द्वारा एवं मीडिया सेंटर के तत्वाधान में किया जा रहा है।
यह सम्मेलन देश के प्रसिद्ध उद्योगपति एवं परोपकारी व्यक्तित्व पद्म भूषण रतन टाटा को समर्पित किया गया है, जिससे उनके राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में आजीवन योगदान को सम्मानित किया जा सके।
सम्मेलन “राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय विकास के लिए स्कूल शिक्षा को सशक्त बनाना” निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम के आयोजन में किसी प्रकार का कोई शुल्क स्कूलों से नहीं लिया गया है।
सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से 187 विद्यालयों ने इस सम्मेलन तथा इससे संबद्ध प्रिंसिपल, मैनेजमेंट और स्कूल अवॉर्ड्स 2026 में भागीदारी के लिए पंजीकरण कराया है।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर, उत्तरांचल, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों के विद्यालयों ने नामांकन भेजे हैं। इन पंजीकरणों में सरकारी विद्यालय, निजी संस्थान तथा स्वतंत्र शैक्षणिक संगठन शामिल हैं।
प्रो जसीम मोहम्मद ने बताया कि, “सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट विद्यालयों को, प्रशस्ति पत्र, स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा, जबकि उत्कृष्ट प्राचार्यों को शिक्षा के विकास और नेतृत्व में उनके योगदान के लिए प्रिंसिपल एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।”
प्रो.जसीम मोहम्मद ने आगे कहा कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उस दृष्टि को भी प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समग्र शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और कक्षाओं में आधुनिक प्रौद्योगिकी के समावेशन के माध्यम से भारत की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाना है।
कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार जावेद रहमानी ने बताया कि नामांकन की अंतिम तिथि 12 मार्च थी और विद्यालयों से प्राप्त आवेदनों की वर्तमान में सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के जूरी पैनल के वरिष्ठ शिक्षाविद द्वारा समीक्षा की जा रही है। जूरी पैनल उन संस्थाओं और प्राचार्यों की पहचान करने के लिए नामांकनों का मूल्यांकन कर रहा है,
इंडियन स्कूल्स कन्वेंशन की सह-समन्वयक डॉ. दीबा ने जानकारी दी कि, जिन्होंने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, नेतृत्व और उत्कृष्टता का परिचय दिया है। कई भागों में इन पुरस्कारों को बांटा गया है, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के स्कूलों को ध्यान में रखा गया है।जिससे इस आयोजन के महत्व और विश्वसनीयता पर एक गहरा छाप छोड़ेगा।
समन्वयक प्रो. दिव्या तन्वर और डॉ. दौलत राम शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षकों, विद्यालय प्रमुखों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक राष्ट्रीय मंच तैयार करना है, जहाँ वे अपने विचार साझा कर सकें, उपलब्धियों का सम्मान कर सकें और भारत में स्कूल शिक्षा के भविष्य पर विचार-विमर्श कर सकें।

