


कार्यक्रम के दौरान शबाना खंडेलवाल ने कहा कि रमज़ान का महीना इंसान को सब्र, त्याग और इंसानियत की सेवा का पैग़ाम देता है। उन्होंने कहा कि रोज़ा इफ़्तार जैसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं और विभिन्न समुदायों को एक मंच पर लाते हैं।
इफ़्तार से पहले रोज़ेदारों ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ की। कार्यक्रम में विभिन्न समाजों और समुदायों के लोगों की मौजूदगी ने आगरा की गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत मिसाल पेश की।
आयोजकों ने सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम का समापन सामूहिक दुआ के साथ हुआ।
इस मौके पर बशीर उल हक रॉकी, शब्बीर अब्बास, उस्मान अब्बास, मुहम्मद आदिल, शानू खान, बाल योगी, फरहान शेख, आमिर कादरी, जमील खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

