पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य की कार्यवाहक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 5 मई को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनकी पार्टी चुनाव हारी नहीं है, बल्कि “जानबूझकर हराई गई है”।
ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि उनके इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, “मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। हम नैतिक रूप से जीते हैं।”
“100 सीटें लूटी गईं, 90 लाख वोट काटे गए”
सीएम ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी की करीब 100 सीटें “लूट ली गईं” और लगभग 90 लाख वोट सूची से हटा दिए गए।
उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर चुनाव को प्रभावित किया और भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग का “इस्तेमाल” किया।
EVM और चुनाव आयोग पर सवाल
ममता बनर्जी ने भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
- वोटिंग के बाद भी EVM में 80–90% बैटरी चार्ज कैसे रह सकता है?
- चुनाव से पहले विपक्षी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां क्यों हुईं?
- बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले क्यों किए गए?
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष संस्था की भूमिका निभाने के बजाय “खलनायक” की तरह काम किया।
“पूरी मशीनरी हमारे खिलाफ थी”
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने पूरी सरकारी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उनके अनुसार:
- केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल हुआ
- IAS और IPS अधिकारियों को बदला गया
- विपक्षी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया गया
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदान के दौरान उन्हें खुद मतदान केंद्र में जाने से रोका गया और पार्टी एजेंटों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
इंडी गठबंधन का समर्थन
ममता ने बताया कि उन्हें कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला है, जिनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन पहले से अधिक मजबूत होगा और सभी नेता उनसे मिलने आने वाले हैं।
“अब मैं एक आम आदमी हूं”
अपने भावुक बयान में ममता बनर्जी ने कहा:
“अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम आदमी हूं… मैं अब एक आजाद पंछी हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने 15 साल के कार्यकाल में वेतन और पेंशन का लाभ नहीं लिया और पूरी जिंदगी जनता की सेवा में समर्पित की।
राजनीतिक माहौल गरम
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों के बाद राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं अब सभी की नजरें चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

