नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता शशि कपूर अपनी शानदार मुस्कान, सहज अभिनय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में योगदान के लिए आज भी याद किए जाते हैं। उनका मूल नाम बलबीर राज कपूर था। वह भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित कपूर परिवार से ताल्लुक रखते थे और अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे तथा राज कपूर और शम्मी कपूर के छोटे भाई थे।
सिनेमा से उनका रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था। उन्होंने बाल कलाकार के तौर पर अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। वर्ष 1948 में आई फिल्म ‘आग’ और 1951 की चर्चित फिल्म ‘आवारा’ में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में काम किया।
बड़े होकर शशि कपूर ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई और अपने लंबे करियर में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। ‘चोर मचाए शोर’, ‘दीवार’, ‘त्रिशूल’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘जुनून’ और ‘न्यू दिल्ली टाइम्स’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
एक दिन में चार-पांच शिफ्ट में करते थे शूटिंग
शशि कपूर के करियर का एक दौर ऐसा भी था जब वह बेहद व्यस्त रहते थे। 1970 के दशक में स्टारडम के चरम पर पहुंचने के बाद वह एक ही दिन में चार से पांच फिल्मों की शूटिंग तक किया करते थे।
1978 में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में शशि कपूर ने अपने व्यस्त शूटिंग शेड्यूल और फिल्म इंडस्ट्री की भागदौड़ भरी जिंदगी के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि कई बार उनकी फिल्मों के अलग-अलग सेट एक-दूसरे के आसपास ही होते थे। ऐसे में वह एक सेट पर एक शॉट पूरा करने के बाद उसी कॉस्ट्यूम में दूसरे सेट पर पहुंच जाते और वहां शूटिंग पूरी करने के बाद तीसरे सेट की ओर रवाना हो जाते थे।
इस तरह वह बेहद कम समय में कई फिल्मों की शूटिंग को संभाल लेते थे। उनकी यह कार्यशैली उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बनी रहती थी।
राज कपूर ने मजाक में कहा था- ‘तुम्हारा मीटर हमेशा चालू रहता है’
शशि कपूर की इस भागदौड़ भरी जिंदगी को देखकर उनके बड़े भाई राज कपूर ने मजाक में उन्हें ‘टैक्सी’ कहना शुरू कर दिया था। राज कपूर का कहना था कि शशि एक सेट से दूसरे सेट तक लगातार दौड़ते रहते हैं और उनका ‘मीटर हमेशा चालू रहता है।’
शशि कपूर के लिए अभिनय केवल शोहरत हासिल करने का जरिया नहीं था। उन्होंने अपने काम के प्रति गंभीरता और अनुशासन के साथ हिंदी सिनेमा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी अपनी पहचान बनाई।
उनकी फिल्मों और अभिनय की विविधता ने उन्हें अपने दौर के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल किया। रोमांटिक भूमिकाओं से लेकर गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों तक, शशि कपूर ने पर्दे पर अपनी अलग छाप छोड़ी।
आज भी उनकी फिल्मों, उनकी मुस्कान और उनके अभिनय को सिनेमा प्रेमी याद करते हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास में शशि कपूर का नाम एक ऐसे अभिनेता के रूप में दर्ज है, जिसने स्टारडम, शानदार अभिनय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा—तीनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई।
