जगदीश ईश्वरभाई पटेल सह-प्रभारी नियुक्त; संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने की जिम्मेदारी
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं जगदीश ईश्वरभाई पटेल को प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है।
इन नियुक्तियों के साथ ही तावड़े को देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्यों में शामिल उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चुनावी रणनीति का लंबा अनुभव
63 वर्षीय विनोद तावड़े को संगठन और चुनाव प्रबंधन का लंबा अनुभव है। महाराष्ट्र की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे तावड़े कई राज्यों में चुनावी रणनीति, सदस्यता अभियान और संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
2014 में वह महाराष्ट्र विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार में स्कूली शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, संसदीय कार्य और सांस्कृतिक कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले।
हालांकि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला, लेकिन इसके बाद उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में भी संभाली अहम जिम्मेदारी
विनोद तावड़े को 2022 में NDA की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने विभिन्न राज्यों में सहयोगी दलों और नेताओं के साथ समन्वय कर समर्थन जुटाने में भूमिका निभाई।
2025 में NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के अभियान में भी उन्हें इसी तरह की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके अलावा तावड़े बिहार में भाजपा के प्रभारी के तौर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। पार्टी संगठन और चुनावी रणनीति के स्तर पर उनके काम को वहां काफी अहम माना गया।
कई राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं
तावड़े ने गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, उत्तराखंड और दिल्ली सहित कई राज्यों में चुनावी रणनीति और संगठन से जुड़े काम संभाले हैं। वह त्रिपुरा और राजस्थान में मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया में पर्यवेक्षक की भूमिका भी निभा चुके हैं।
भाजपा में उनकी पहचान ऐसे संगठनकर्ता के रूप में है, जो अलग-अलग गुटों और नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने तथा संगठन के भीतर मतभेदों को नियंत्रित रखने में सक्षम माने जाते हैं।
2027 में BJP के सामने बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें और विधानसभा की 403 सीटें हैं। यही वजह है कि यूपी को केंद्र की सत्ता की राजनीति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जाता है।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन में गिरावट के बाद 2027 का विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
विनोद तावड़े की नियुक्ति को इसी रणनीति के तहत संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
संगठन को धार देने की चुनौती
सुनील बंसल के राष्ट्रीय स्तर पर जाने के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में एक मजबूत पूर्णकालिक संगठनात्मक चेहरे की कमी महसूस की जाती रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
अब विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाए जाने से भाजपा को उम्मीद है कि उनके संगठनात्मक अनुभव का लाभ आगामी विधानसभा चुनाव में मिलेगा। तावड़े के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं में समन्वय, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और 2027 के लिए प्रभावी चुनावी रणनीति तैयार करना बड़ी चुनौती होगी।
— टाइम्स ऑफ ताज
