पटना। बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए अगले पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षक भर्ती, स्थानांतरण और छात्र सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में कहा गया कि राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए हर वर्ष लगभग 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक साल जुलाई महीने में भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया नियमित और पारदर्शी बन सके।
सरकार ने महिला शिक्षकों को राहत देते हुए निर्देश दिया कि उनका स्थानांतरण यथासंभव गृह जिला और गृह पंचायत के आसपास किया जाए, ताकि उन्हें आवागमन में सुविधा मिल सके। वहीं पुरुष शिक्षकों के लिए भी नई स्थानांतरण नीति तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत गृह जिले के निकटवर्ती प्रखंडों में पोस्टिंग देने पर विचार किया जाएगा।
बैठक में छात्र-छात्राओं की पोशाक वितरण व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। अब स्कूल ड्रेस की आपूर्ति जीविका समूहों के माध्यम से कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों को समय पर पोशाक उपलब्ध होगी और महिलाओं के स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी समेत शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

