सिंगापुर। भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को नई गति देने के लिए आज चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। बैठक में भारत की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य, उद्योग, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद हिस्सा लेंगे।
यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों की समीक्षा के साथ-साथ नए और उभरते क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। बैठक में निवेश, व्यापार, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्थिरता जैसे विषयों पर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।
2022 में हुई थी पहली बैठक
भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। इसके बाद दूसरा सम्मेलन अगस्त 2024 में सिंगापुर और तीसरा अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
इन बैठकों के दौरान दोनों देशों ने उन्नत विनिर्माण, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इन पहलों ने दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में भूमिका निभाई है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस बैठक में अब तक चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आपसी सहयोग को और विस्तार देने के नए अवसर तलाशे जाएंगे। इसके साथ ही भारत-सिंगापुर व्यापारिक गोलमेज सम्मेलन का चौथा संस्करण भी आयोजित होगा।
जयशंकर ने सिंगापुर के विदेश मंत्री से की मुलाकात
इससे पहले सिंगापुर पहुंचने पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
जयशंकर और बालाकृष्णन ने सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी परिसर की आधारशिला भी रखी। जयशंकर ने उम्मीद जताई कि नया परिसर दोनों देशों के संबंधों में सहयोग के अगले चरण को दर्शाएगा और सिंगापुर में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए दूतावास संबंधी सेवाओं को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।
भारत और सिंगापुर के बीच बढ़ता आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
