इटावा । इटावा में बुधवार देर रात वन विभाग ने पुलिस बल की मौजूदगी में कथित अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सैयद बाबा की मजार को बुलडोजर से हटा दिया। गुरुवार सुबह जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो मजार का कोई निशान दिखाई नहीं दिया। प्रशासन द्वारा जमीन को समतल कर वहां पौधारोपण भी कर दिया गया था।
बताया जाता है कि बुधवार शाम करीब 6 बजे वन विभाग की टीम तीन बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और मजार तक जाने वाले रास्तों पर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। देर रात तक चली कार्रवाई में मजार का ढांचा पूरी तरह हटा दिया गया।

मजार के केयरटेकर का दावा है कि यह दरगाह लगभग 800 वर्ष पुरानी थी और क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र रही है। वहीं वन विभाग का कहना है कि संबंधित भूमि सरकारी वन क्षेत्र में आती है और वहां किया गया निर्माण अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, लगभग 3000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैली यह मजार इटावा शहर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर फिशर फॉरेस्ट क्षेत्र के बीहड़ों में स्थित थी।

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा और नाराजगी का माहौल है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। मामले को लेकर आगे भी प्रशासन और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है।

