आगरा। आगरा मंडल खाद्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार, निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं और विभागीय मिलीभगत के आरोपों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अवतार सिंह गिल ने शासन और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे के भीतर मामले की जांच शुरू नहीं की गई तो वह 15 जून से भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन शुरू करेंगे।
अवतार सिंह गिल ने खाद्य एवं रसद मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित पत्र में आरोप लगाया है कि पिछले दो महीनों से वह विभिन्न विभागों और अधिकारियों को शिकायत पत्र दे रहे हैं तथा उनकी प्राप्ति रसीदें भी उनके पास मौजूद हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिकायतों की स्थिति और जांच की जानकारी भी आम जनता के सामने नहीं लाई गई है।
गिल का कहना है कि खाद्य विभाग की निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं होती है तो इसका सीधा असर गरीबों, मजदूरों और राशन कार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ सकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर निविदा प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः टेंडर कराया जाए।
अवतार सिंह गिल ने कहा कि आगरा मंडल की जनता उनका परिवार है और जनहित के मुद्दों पर वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 48 घंटे के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो 15 जून को आम जनता के बीच जाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान और विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखेंगे। इस संबंध में पूर्व में दिए गए शिकायत पत्रों और प्राप्ति रसीदों की प्रतियां भी उन्होंने संलग्न करने की बात कही है।
— टाइम्स ऑफ ताज ब्यूरो, आगरा

