नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का वंदे मातरम को लेकर दिया गया बयान इन दिनों चर्चा में है। बयान के वायरल होने के बाद अभिनेत्री ने अब अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारत की विविधता और अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो छंदों को अपनाना उचित फैसला है।
समाचार एजेंसी आईएनएस को दिए एक इंटरव्यू में शर्मिला टैगोर ने कहा कि भारत में अलग-अलग मजहब और मान्यताओं को मानने वाले लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के आगे के छंदों में विभिन्न देवी-देवताओं का उल्लेख मिलता है, इसलिए देश की धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए शुरुआती दो छंदों को अपनाना अधिक उचित है।
अभिनेत्री ने कहा कि वंदे मातरम के छंदों को पढ़ने पर इसमें अलग-अलग देवी-देवताओं के नाम और उनकी वंदना का उल्लेख दिखाई देता है। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए अपने विचार रखे।
शर्मिला टैगोर की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब वंदे मातरम के संपूर्ण गायन और उसके शुरुआती दो छंदों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है।
