आगरा। मुहर्रम के अवसर पर उमरी परिवार द्वारा स्थापित पारंपरिक ताज़िये पर ज़ियारत के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। इसी क्रम में प्रख्यात धर्मगुरु मौलाना अल्तमश रहमानी ने उमरी परिवार के ताज़िये पर पहुंचकर ज़ियारत की और हज़रत इमाम हुसैन व शहीदान-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

इस अवसर पर मौलाना अल्तमश रहमानी ने कहा कि कर्बला का पैगाम इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और हक़ की राह पर डटे रहने का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से इमाम हुसैन की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि यह ताज़िया उमरी परिवार के प्रमुख एन. खान द्वारा पिछले लगभग 60 वर्षों से आवाम की ज़ियारत के लिए रखा जा रहा है। इस ऐतिहासिक और पारंपरिक ताज़िये को देखने तथा ज़ियारत करने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
ज़ियारत के बाद मौलाना अल्तमश रहमानी ने मौजूद अकीदतमंदों और आम जनता के बीच लंगर तकसीम किया। लंगर वितरण में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए दुआएं कीं।
इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ के साथ हुआ।

