लखनऊ। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की महाकाल से अयोध्या तक प्रस्तावित पदयात्रा से पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशभर में संगठन को सक्रिय करने और जनसंपर्क अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने मंडल और जिला स्तर पर पदयात्राएं निकालने का निर्णय लिया है, जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग को सौंपी गई है।
प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, पहले सभी मंडलों में और उसके बाद प्रत्येक जिले में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। इन यात्राओं के माध्यम से पार्टी आरक्षण, संविधान की रक्षा, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने हाल ही में लखनऊ प्रवास के दौरान विभिन्न विभागों की बैठक लेकर उन्हें आगामी चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग विभाग ने पिछले माह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में “आरक्षण दिवस” कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक न्याय के मुद्दे पर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की थी।
पार्टी का लक्ष्य ‘जितनी आबादी, उतना अधिकार‘ के नारे को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके लिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं और व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी की गई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इसी माह प्रयागराज के संभावित दौरे से पहले पदयात्रा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार पदयात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर तक सभी जिलों में पदयात्रा आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अक्टूबर में लखनऊ में प्रदेश स्तरीय पदयात्रा और रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से पिछड़े वर्ग के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर कांग्रेस का संदेश प्रदेशभर में पहुंचाया जाएगा।

