लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें शाहजहांपुर जनपद की नगर पालिका परिषद जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने तथा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के अवसर बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव प्रमुख रहे।
जलालाबाद अब ‘परशुरामपुरी’
कैबिनेट ने शाहजहांपुर जनपद की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कस्बा जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि भारत सरकार से अनापत्ति मिलने के बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
सरकार के अनुसार, नगर को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के आधार पर लंबे समय से जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा नाम परिवर्तन की मांग की जा रही थी। अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित विभाग सभी शासकीय अभिलेखों, विभागीय दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड में निर्धारित प्रक्रिया के तहत नया नाम लागू करेंगे।
खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवाओं के नए अवसर
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। संशोधित नियमावली के तहत विभिन्न विभागों के अधिक चिह्नित पद शामिल किए जाएंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में खेल अवसंरचना के विकास, खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन और बेहतर प्रशिक्षण के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की भागीदारी और पदक संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सेवायोजन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के अनुसार, इन नियुक्तियों को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रखा जाएगा, जिससे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
दोनों फैसलों को राज्य सरकार ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

