आगरा। सोशल मीडिया पर इस्लाम धर्म और मुस्लिम धर्मगुरु के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणियां करने के आरोप में नाज़िया इलाही के खिलाफ शुक्रवार को आगरा की सीजेएम (सिविल जज जूनियर डिवीजन-2) अदालत में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 196, 299, 353(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
यह परिवाद सशक्त पीली सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष शबाना खंडेलवाल की ओर से अधिवक्ता जाहिद नूरी के माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कथित टिप्पणियों से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका उत्पन्न हुई है।
परिवाद में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने 28 जून 2026 को इस संबंध में पुलिस आयुक्त, डीसीपी सिटी और थाना न्यू आगरा को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई न होने पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
न्यायालय परिसर में इस दौरान गुड्डू कुरैशी, शानू खान, दानिश खान, सीनू खान, सिंदी कुरैशी, मंजू जैन, साजिद खान, सुलेमान अहमद, चौधरी बबुआ, मुख्तियार खान और हाजी आमीन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसी भी धर्म या धार्मिक व्यक्तित्व के संबंध में की जाने वाली कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

