परिवार नियोजन को अंतरा पर बढ़ रहा विश्वास
छोटा परिवार सुखी परिवार का सुरक्षित विकल्प है गर्भनिरोधक इंजेक्शन ‘अंतरा’
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 20797 और वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगवाए 23323 अंतरा इंजेक्शन
आगरा। यूं तो परिवार नियोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्थाई व अस्थाई साधन उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें अंतरा इंजेक्शन को काफी पसंद किया जा रहा है। परिवार नियोजन अपनाने वाले दंपति त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन ‘अंतरा’ इंजेक्शन को अपना कर खुशहाल दाम्पत्य जीवन जी रहे हैं। परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों में त्रैमासिक इंजेक्शन अंतरा को लाभार्थियों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 20797 महिलाओं ने और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 23323 महिलाओ ने अंतरा इंजेक्शन को अपनाया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद आगरा में महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन को महिलाओं ने विकल्प के तौर पर चुना है। अंतरा इंजेक्शन अनचाहे गर्भ को रोकने व दो बच्चों के बीच अंतर रखने का एक सुरक्षित अस्थायी गर्भनिरोधक विकल्प हैं। तीन माह के अंतराल में लगने वाला यह जिला महिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों व उप-केन्द्रों पर लगाया जाता है । नव विवाहित दंपति से अपील है कि वह शादी के दो साल बाद ही पहले बच्चे की योजना बनायें और दो बच्चों के जन्म में तीन वर्ष का अंतर रखें।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद यादव ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रम न केवल देश की तरक्की से जुड़ा है बल्कि मातृ शिशु स्वास्थ्य और पोषण से भी इसका गहरा सम्बन्ध है । यह दंपति के सुखमय जीवन के लिए भी एक महत्वपूर्ण तत्व है । इसके लिए त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा भी एक बेहतर विकल्प है। अंतरा इंजेक्शन की पहली डोज चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) या प्रशिक्षित एएनएम द्वारा लाभार्थी की स्क्रीनिंग के बाद ही लगाई जाती है।
बरौली अहीर में सबसे अधिक लगे अंतरा
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद में सबसे अधिक अंतरा इंजेक्शन बरौली अहीर ब्लॉक में लगवाए गए हैं। यहां पर 2371 महिलाओं ने अंतरा लगवाए हैं वहीं सैंया 1948 इंजेक्शन लगवाकर दूसरे स्थान पर है। तीसरे स्थान पर बाह है, यहां पर 1624 अंतरा लगवाए गए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरौली अहीर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित पांडे ने बताया कि लेडी हेल्थ विजिटर सुमन कुमारी देवी के मार्गदर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरौली अहीर की आशा कार्यकर्ताओं ने परिवार नियोजन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया। उनके प्रयासों से केंद्र में सबसे अधिक महिलाओं ने अंतर इंजेक्शन अपनाया।
ग्राम नगला सबल की आशा कार्यकर्ता श्यामवती ने बताया कि मैंने अपने कार्यक्षेत्र के लक्ष्य दंपति की सूची बनाकर उन्हें घर-घर जाकर परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए जागरूक किया। साथ ही सामुदायिक बैठक के माध्यम से महिलाओं को परिवार नियोजन के लाभ और महत्व के बारे में जानकारी दी। बैठक में महिलाओं ने खुलकर बातचीत की और एक-दूसरे के अनुभवों को जाना। इससे महिलाएं जागृत हुईं और उन्होंने परिवार नियोजन को अपनाया।
ग्राम नगला सबल निवासी 26 वर्षीय कल्पना ने बताया कि मेरे दो बच्चे हैं और मेरा परिवार पूरा हो चुका है। लेकिन अभी मेरा बच्चा छोटा है, इसलिए मैंने अभी महिला नसबंदी नहीं कराई है। परिवार नियोजन के लिए मैंने अस्थायी साधन ‘अंतरा इंजेक्शन’ को अपनाया है। मैंने अपने पति से सलाह की और आपसी सहमति से अंतरा इंजेक्शन लगवाने का निर्णय लिया। इसमें आशा कार्यकर्ता और डॉक्टर द्वारा हमें सही जानकारी देकर सहयोग किया गया। मैं अब तक छह डोज लगवा चुकी हूं और मुझे अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। परिवार नियोजन का यह विकल्प मेरे लिए बहुत अच्छा और सुविधाजनक साबित हुआ है।
11 से 18 जुलाई तक मनाया जाएगा विश्व जनसंख्या दिवस अभियान
जनपद में 11 से 18 जुलाई तक विश्व जनसंख्या दिवस अभियान चलाया जाएगा। शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस बार इसका स्लोगन जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखा गया है। अभियान के दौरान विभिन्न गतिविधिया आयोजित करके परिवार नियोजन के प्रति समुदाय में जागरुकता का प्रसार किया जाएगा। अपर शोध अधिकारी एस.पी सत्संगी ने बताया कि “परिवार नियोजन के साधन मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं – स्थायी और अस्थायी। स्थायी साधनों में महिला नसबंदी और पुरुष नसबंदी शामिल हैं। वहीं अस्थायी साधनों में गर्भनिरोधक गोलियां जैसे छाया और माला-एन, अंतरा इंजेक्शन, कॉपर-टी, कंडोम और आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली शामिल हैं। अभियान के दौरान लोगों को इन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।”
पहली डोज लेने पर इन बातों का रखे ख्याल-
डॉक्टर द्वारा उचित स्क्रीनिंग हो जाने पर गर्भ निरोधक इंजेक्शन को किसी भी समय चुना जा सकता है। पहली डोज लेने पर इन बातों का ख्याल रखना चाहिए।
- नियमित मासिक धर्म के पहले से सात दिन के अंदर
- प्रसव के 6 सप्ताह के बाद
- गर्भपात के तुरंत बाद
इंजेक्शन लगाने के बाद इन बातों को न करें नज़रंदाज़-
- जहाँ इंजेक्शन लगा हो उस जगह मालिश न करें
- इंजेक्शनकी जगह पर गर्म सिंकाई न करें
- इंजेक्शनलगने के बाद 5-10 मिनट के लिए अस्पताल में ही रुके
- अंतराकार्ड पर दी गयी तारीख पर ही इंजेक्शन लगवाएं

