लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने वर्षों से अनुपयोगी पड़ी अपनी बहुमूल्य भूमि का बेहतर उपयोग करने की दिशा में नई पहल शुरू की है। निगम का उद्देश्य ऐसी संपत्तियों को सार्वजनिक हित से जुड़े विकास कार्यों में शामिल करना है, ताकि एक ओर अवैध कब्जों पर रोक लग सके और दूसरी ओर निगम की आय में भी वृद्धि हो।
निगम ने इस दिशा में एक पायलट परियोजना शुरू की है। इसके तहत लंबे समय से बंद पड़े या उपयोग में न आने वाले बस स्टेशनों की भूमि को नियमानुसार विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित उपयोगों में अस्पताल, होटल, शिक्षा संस्थान, वेयरहाउस, पार्किंग सहित अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल हैं।
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार कई शहरों में पुराने बस स्टेशनों तक पहुंचना लगातार कठिन होता जा रहा है। उदाहरण के तौर पर लखनऊ के कैसरबाग बस स्टेशन तक पहुंचने में अक्सर भारी यातायात जाम की समस्या रहती है। भविष्य में वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित होने के बाद ऐसी भूमि का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा सकता है। इसी तरह अन्य जिलों में भी अनुपयोगी परिसरों के पुनर्विकास की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
इस योजना के तहत देवरिया जिले के गौरी बाजार स्थित लंबे समय से बंद बस स्टेशन की भूमि के विकास की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित भूखंड के विकास के लिए ई-निविदा जारी की गई है। यह बस स्टेशन कई वर्षों से संचालन से बाहर है और अब इसके पुनर्विकास की योजना बनाई गई है।
निगम ने इसके लिए ‘बिल्ड यूज ट्रांसफर’ (Build Use Transfer) मॉडल अपनाया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत चयनित निजी विकासकर्ता को निर्धारित अवधि के लिए भूमि लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। विकासकर्ता आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर निर्धारित मानकों के अनुसार परियोजना विकसित करेगा। लीज अवधि पूरी होने के बाद विकसित संपत्ति परिवहन निगम को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
परिवहन निगम का मानना है कि इस मॉडल से निगम को लीज शुल्क और अन्य माध्यमों से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, जबकि अनुपयोगी भूमि का उत्पादक उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे कई अन्य बस स्टेशन भी चिन्हित किए गए हैं, जहां भविष्य में इसी मॉडल के तहत विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के अंतर्गत प्रमुख बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण का कार्य भी अलग से जारी है।

