संवाद – मज़हर
जालंधर, पंजाब वक्फ बोर्ड की लापरवाही के चलते जालंधर कैंट स्थित गढ़ा कब्रिस्तान पर अवैध कब्जा करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। वक्फ बोर्ड की चुप्पी के कारण मुस्लिम समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है।
अल्पसंख्यक आयोग पंजाब के पूर्व सदस्य नासिर सलमानी ने कहा कि गढ़ा कब्रिस्तान को बचाने की उनकी कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन जो कार्रवाई वक्फ बोर्ड को करनी चाहिए थी, वह सिर्फ तमाशबीन बनकर रह गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वक्फ बोर्ड ने कब्रिस्तान में जेसीबी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो मुस्लिम समाज के लोग बोर्ड के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे।
सलमानी ने बताया कि जालंधर स्टेट अफसर नदीम खान के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं। कब्रिस्तान में कब्रों की बेअदबी की सूचना देने के बावजूद उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान की कई बार कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ सांझा पैमाइश हो चुकी है, लेकिन वक्फ बोर्ड ने इसे अंतिम रूप देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, जिसके कारण अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं।
सलमानी ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को पार्टी से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब उसका असली चेहरा सामने आ चुका है। उन्होंने सवाल किया कि पार्टी ने मुसलमानों के कौन से प्रमुख मुद्दे हल किए हैं?
वहीं, पंजाब वक्फ बोर्ड के स्टेट अफसर नदीम खान ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे, तब जेसीबी मशीनें वहां से हटा दी गई थीं। उन्होंने पूरी स्थिति की जानकारी वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को दे दी है।
दूसरी ओर, मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि वक्फ बोर्ड इस मामले में गंभीर नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बोर्ड किसी बड़े हादसे या हंगामे का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद इतनी लापरवाही बोर्ड के लिए स्वीकार्य नहीं है और यह मुसलमानों के सब्र की परीक्षा ले रहा है।
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