नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ दी हैं। इन धाराओं को गैर-जमानती बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। वहीं, सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) की ओर से दावा किया गया है कि पुलिस ने आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है।
पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन
शुक्रवार को सीजेपी कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में गंभीर कानूनी धाराएं जोड़ने के साथ आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
निशु आजाद के पिता संजय आजाद ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में संबंधित कानूनी धाराएं जोड़ने की उनकी मांग स्वीकार कर ली है। उनके अनुसार, पुलिस ने आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की बात कही है। संजय आजाद ने कहा कि उन्हें दिल्ली पुलिस और संविधान पर पूरा भरोसा है।
निशु आजाद ने रखी पुलिस के सामने अपनी मांग
सीजेपी एक्टिविस्ट निशु आजाद ने बताया कि वह अपने भाई चंद्रशेखर आजाद के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे थे और पुलिस अधिकारियों के सामने मामले से जुड़ी अपनी मांगें और पक्ष रखा।
निशु के मुताबिक, एफआईआर दर्ज हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि उनकी मांग थी कि मामले में हत्या के प्रयास से संबंधित धारा और एससी/एसटी एक्ट की प्रासंगिक धाराएं जोड़ी जाएं।
निशु ने आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर खतरा पैदा हुआ था, लेकिन एफआईआर में शुरुआत में अपेक्षित गंभीर धाराएं शामिल नहीं की गईं। उनका कहना है कि इसी वजह से आरोपी खुलेआम घूम रहा था।
सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
निशु आजाद ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि उन्हें यह पता नहीं है कि कब और कहां उन पर हमला हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें खुलेआम धमकियां दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर कथित तौर पर गाली-गलौज और रेप की धमकियां देने वाले लोगों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है। निशु के मुताबिक, लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने इन शिकायतों पर भी कार्रवाई शुरू की है।
72 घंटे के दावे पर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि बाकी
फिलहाल, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और 72 घंटे की कथित समयसीमा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। वहीं, सीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि तय समय के भीतर गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। स्वतंत्र भारद्वाज का पक्ष और पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाना उचित होगा।
