पटना, बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार का आज बड़ा आगाज़ होने जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव आज मुजफ्फरपुर और दरभंगा में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसी के साथ कांग्रेस और राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने चुनावी अभियान का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है।
मंगलवार को महागठबंधन ने “बिहार का तेजस्वी प्रण” शीर्षक से अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें हर परिवार के लिए सरकारी नौकरी और आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने जैसे वादे प्रमुख हैं।
महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, वामपंथी दलों और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं, जबकि एनडीए में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम का गठबंधन है।

सीएम योगी आदित्यनाथ का सिवान में हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिवान जिले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने कहा, “महागठबंधन ने जिन लोगों को टिकट दिया है, उनमें कुछ के नाम भी ओसामा हैं। ये लोग बिहार की सुरक्षा और विकास नहीं कर सकते।”
योगी आदित्यनाथ ने राजद प्रत्याशी ओसामा शहाब पर निशाना साधा, जो दिवंगत बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने “कुख्यात अपराधियों को गले लगाया” है।
सोशल मीडिया पर योगी का संदेश
सभा से पहले योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा —
“आज रघुनाथपुर, शाहपुर और बक्सर विधानसभा क्षेत्रों के निवासियों से संवाद करने का अवसर मिलेगा। ज्ञान, क्रांति और भक्ति की भूमि बिहार एक बार फिर सुशासन और राष्ट्रवाद के प्रतीक एनडीए के साथ है। हमें भ्रष्ट और विभाजनकारी ताकतों को करारा जवाब देना होगा।”
बिहार में दो चरणों में मतदान
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में — 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
चुनाव प्रचार में तेजी आने के साथ ही राज्य में सियासी बयानबाज़ी भी चरम पर है।
कांग्रेस का पलटवार और भीड़ का दावा
कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने दावा किया कि तेजस्वी यादव की रैलियों में भीड़ “मोदी और नीतीश की रैलियों से दस से पंद्रह गुना अधिक” हो रही है।
वहीं, तेज प्रताप यादव ने कहा कि बिहार में सरकार बनने पर “राज्य को बेरोजगारी मुक्त” बनाया जाएगा।
इस बीच भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि “राहुल गांधी बिहार की जनता की उपेक्षा कर रहे हैं और महागठबंधन में कांग्रेस को हाशिए पर धकेल दिया गया है।”
बिहार का सियासी पारा चुनावी रैलियों और आरोप-प्रत्यारोप से लगातार गर्म हो रहा है।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की साझा जनसभाएं जहां महागठबंधन के एकजुट संदेश को मजबूत करने की कोशिश हैं, वहीं योगी आदित्यनाथ जैसे स्टार प्रचारक एनडीए की नैरेटिव को धार दे रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि मतदाता 14 नवंबर को किस पर भरोसा जताते हैं — “तेजस्वी के प्रण” पर या “योगी के सुशासन” पर।

