श्रमिकों के सम्मान, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा पर दिया जोर
आगरा। भारतीय मजदूर संघ की ओर से विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर श्रमिकों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण के साथ भारतीय मजदूर संघ की स्थापना एवं उद्देश्यों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम कन्हैया लाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, पालीवाल पार्क में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह सुनील दीक्षित ने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, निर्माण और श्रम के प्रतीक हैं। श्रमिकों का सम्मान करना और उनके योगदान को समाज में उचित स्थान देना आवश्यक है।
उन्होंने वर्तमान समय में भारतीय मजदूर संघ की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं का समाधान और उनके सामाजिक एवं आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। श्रमिकों को संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रम केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है।
श्रमिकों के हितों के लिए कार्यरत है भारतीय मजदूर संघ
जिला महामंत्री सौरभ शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए भारतीय मजदूर संघ की स्थापना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्य करता है। संगठन श्रमिकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य श्रम की गरिमा को प्रतिष्ठित करना तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुण दरखाटी ने की। इस दौरान संगठनात्मक दायित्व के तहत सत्यम को जिला व्यवस्था प्रमुख बनाया गया।
कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष अनुपम चौधरी, महिला प्रभारी सरिता गौतम, जिला प्रचार मंत्री सीमेश शर्मा, आफताब आलम, इंतजार सलीम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
