तिरुवनंतपुरम, 4 अक्टूबर 2026। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े वर्ष 2006 के एक पुराने मामले में विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (VACB) से जांच के आदेश दिए हैं। मामला उस समय का है, जब ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव पद पर तैनात थे।
मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक एमसी रोड के पुनर्निर्माण/उन्नयन से जुड़ा बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार यह करीब 215 करोड़ रुपये की विश्व बैंक वित्त पोषित परियोजना थी। परियोजना में मलेशियाई कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग से जुड़े PATI-BEL कंसोर्टियम की भूमिका थी।
मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या से जुड़ा मामला
इस परियोजना से जुड़े मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन (Lee See Been) की वर्ष 2006 में आत्महत्या हुई थी। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनके द्वारा छोड़े गए कथित सुसाइड नोट में उस समय के PWD सचिव ज्ञानेश कुमार का नाम भी दर्ज होने का दावा किया गया था।
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के अनुसार, इंजीनियर ने परियोजना के दौरान कई शिकायतें उठाई थीं और बाद में मलेशिया लौट गए थे, जहां उनकी मौत हुई। रिपोर्टों में दो कथित सुसाइड नोट का भी उल्लेख है। हालांकि, इन दस्तावेजों और उनमें लगाए गए आरोपों की सत्यता तथा उनका कानूनी महत्व जांच का विषय है।
2006 की जांच पर फिर उठे सवाल
मामले में वर्ष 2006 में विजिलेंस की प्रारंभिक जांच शुरू हुई थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। अब केरल गृह विभाग ने उस समय की VACB प्रारंभिक जांच से संबंधित फाइलें तलब की हैं। नई जांच में कथित तौर पर इस पहलू को भी देखा जाएगा कि क्या किसी बाहरी प्रभाव या दबाव के कारण पिछली जांच प्रभावित हुई थी।
यह कार्रवाई कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल की शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में कथित भ्रष्टाचार, परियोजना से संबंधित अनियमितताओं तथा पिछली जांच के प्रभावित होने के आरोपों की विस्तृत जांच की मांग की गई थी। गृह मंत्री ने शिकायत की समीक्षा के बाद विस्तृत विजिलेंस जांच को जरूरी बताया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
विजिलेंस विभाग को मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल यह मामला जांच के स्तर पर है और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितना तथ्य है और वर्ष 2006 की पुरानी जांच किस परिस्थिति में अधूरी रह गई थी।
फोटो हेडलाइन
20 साल पुराने मामले में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच
मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या से जुड़ा है मामला, 2006 की पुरानी जांच की फाइलें फिर खुलीं
डिस्क्लेमर
इस समाचार में वर्ष 2006 के एक पुराने मामले से संबंधित जांच और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में सामने आए आरोपों का उल्लेख किया गया है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को यहां आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा न्यायिक रूप से दोषसिद्धि का दावा नहीं किया जा रहा है। मामले में विजिलेंस जांच के बाद ही तथ्यों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी। संबंधित व्यक्ति को दोषी ठहराना सक्षम जांच एजेंसी अथवा न्यायालय का विषय है। यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों, शिकायत में लगाए गए आरोपों और सरकारी स्तर पर जांच के आदेश से संबंधित जानकारी पर आधारित है।
