
आगरा। विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर आगरा में स्वास्थ्य विभाग, पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के संयुक्त सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों को साबुन से सही तरीके से हाथ धोने का महत्व बताया गया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों और उपस्थित लोगों ने नियमित रूप से हाथ धोने तथा दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की शपथ ली।
जागरूकता कार्यक्रम ब्लॉक बरौली अहीर के नगला महादेव उच्च प्राथमिक विद्यालय और बगदा आंगनवाड़ी केंद्र, लोहामंडी के प्रेम नगर प्राथमिक विद्यालय तथा सिकंदरा स्थित प्राथमिक विद्यालय बालक में आयोजित हुए।

20 सेकंड में हाथों की सफाई, संक्रमण से बचाव का संदेश

पीएसआई इंडिया के असिस्टेंट मैनेजर प्रोग्राम पंकज कुमार और एफपीसी आरती द्विवेदी ने बच्चों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों को हाथ धोने के छह सही चरणों की जानकारी दी। इस दौरान ‘सुमन-के’ (SUMAN-K) फॉर्मूले के जरिए हाथ धोने का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक सही तरीके से हाथ धोने की आदत डायरिया, पेट के संक्रमण और अन्य संक्रामक बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करती है। विशेष रूप से खाना खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ धोना बेहद जरूरी है।

सीएमओ बोले- हाथ धोना बीमारी से बचाव का सबसे सरल तरीका
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व हाथ धुलाई दिवस का उद्देश्य लोगों में साबुन से हाथ धोने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। हाथ धोना बीमारी से बचाव का सबसे सरल और सस्ता तरीका है। बच्चों और स्कूलों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाकर डायरिया, पेट के संक्रमण और निमोनिया जैसी बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने कहा कि हाथों की स्वच्छता बेहतर स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है। खाना खाने से पहले, शौच के बाद और बच्चों को खाना खिलाने से पहले साबुन-पानी से हाथ धोने की आदत कई गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद कर सकती है। उन्होंने बताया कि शोध के अनुसार, इन महत्वपूर्ण अवसरों पर साबुन से हाथ धोने से डायरिया के मामलों में 45 से 47 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।

एनयूएचएम एवं अर्बन के नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल ने दूषित हाथों से फैलने वाले संक्रमण के प्रति आगाह किया। उन्होंने बताया कि दूषित हाथों के जरिए रोटावायरस और ई-कोलाई जैसे रोगाणु शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे दस्त, उल्टी और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने साबुन से हाथ धोने को संक्रमण से बचाव का प्रभावी और किफायती उपाय बताया।
क्या है ‘सुमन-के’ फॉर्मूला? हाथ धोने के छह चरण
- S – सीधा: दोनों हथेलियों को आपस में अच्छी तरह रगड़ें।
- U – उल्टा: हाथों की उल्टी सतह यानी हथेलियों के पीछे की तरफ सफाई करें।
- M – मुट्ठी: उंगलियों को आपस में फंसाकर अच्छी तरह रगड़ें।
- A – अंगूठा: दोनों अंगूठों को घुमाकर साफ करें।
- N – नाखून: उंगलियों के पोरों और नाखूनों को हथेली पर रगड़कर साफ करें।
- K – कलाई: अंत में दोनों हाथों की कलाइयों को अच्छी तरह साफ करें।
इन मौकों पर जरूर धोएं हाथ
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खाना बनाने और खाने से पहले, शौचालय के इस्तेमाल के बाद, बच्चों को दूध या भोजन कराने से पहले, बच्चे की नैपी बदलने के बाद, कूड़ा-कचरा या जानवरों को छूने के बाद तथा खांसी-छींक के दौरान हाथ दूषित होने पर साबुन-पानी से हाथ धोने की अपील की।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रिया, रेनू और रजनी, उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला महादेव से जुलेखा, प्रेम नगर प्राथमिक विद्यालय की शिक्षामित्र यशोदा और रेनू तथा सिकंदरा प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक रितु, सविता और लता सहित बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
