पटना।चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित राजनीतिक दल जन सुराज ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार ने वर्ल्ड बैंक द्वारा विकास कार्यों के लिए मिले 14,000 करोड़ रुपये को चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के खातों में ट्रांसफर कर दिया, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए और एनडीए को भारी जीत मिली।
“जनादेश खरीदा गया है” — उदय सिंह
जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया:
“21 जून से लेकर वोटिंग के दिन तक इस चुनाव के जनादेश को पक्का करने के लिए करीब 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पब्लिक के पैसे से वोट खरीदे गए। मुझे जानकारी मिली है कि वर्ल्ड बैंक का फंड भी इन कैश ट्रांसफर में इस्तेमाल हुआ।”
उन्होंने कहा कि यह कदम चुनावी नैतिकता और सार्वजनिक धन के उपयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
चुनाव से पहले महिलाओं को 10,000 रुपये का ट्रांसफर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि
नीतीश कुमार सरकार द्वारा महिला रोजगार योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये भेजने के फैसले ने एनडीए की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।
जन सुराज ने इसी ट्रांसफर पर सवाल उठाया है और दावा किया है कि चुनावी आचार संहिता लागू होने से सिर्फ एक घंटे पहले यह फंड जारी किया गया।
“अगर ये सच है, तो यह बेहद अनैतिक है” — पवन वर्मा
जन सुराज के प्रवक्ता पवन वर्मा ने आरोप दोहराते हुए कहा:
“आचार संहिता लागू होने से एक घंटे पहले 14,000 करोड़ रुपये निकालकर 1.25 करोड़ महिलाओं में बांट दिए गए। अगर यह सच साबित होता है तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बेहद अनैतिक है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के इस कदम से राज्य का खजाना लगभग खाली हो गया है।
बिहार पर 4.06 लाख करोड़ का कर्ज
वर्मा ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया:
-
बिहार पर कुल सरकारी कर्ज: 4.06 लाख करोड़ रुपये
-
प्रतिदिन ब्याज भुगतान: 63 करोड़ रुपये
-
ऐसी स्थिति में, उन्होंने कहा, जन कल्याण के लिए पैसा बचना मुश्किल होता जा रहा है।

