सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं अधिवक्ता शिव सिंह ने ED की कार्रवाई को बताया असंवैधानिक, न्यायिक जांच और कार्रवाई के लिखित कारण सार्वजनिक करने की मांग की
रीवा, । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं अधिवक्ता शिव सिंह ने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को कानूनी और संवैधानिक दृष्टि से गंभीर बताते हुए इसकी न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
शिव सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले से न्यायिक अभिरक्षा में है तो जांच एजेंसी नियमानुसार जेल में उससे पूछताछ कर सकती है। आजम खान लंबे समय से रामपुर जेल में बंद थे। ऐसे में ED ने जेल में रहते हुए उन्हें पूछताछ के लिए समन या नोटिस क्यों नहीं दिया? उन्होंने सवाल उठाया कि रिहाई के तुरंत बाद हिरासत में लेने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
अनुच्छेद 21 और 22 का हवाला देकर उठाए सवाल
सपा नेता ने कहा कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना कानून का दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान को रिहाई के तुरंत बाद हिरासत में लेना संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 की भावना के विपरीत है।
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।
ED की कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग
शिव सिंह ने मांग की कि आजम खान को हिरासत में लिए जाने के मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही ED अपनी कार्रवाई के लिखित कारण सार्वजनिक करे, ताकि पूरी प्रक्रिया की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करेगी। शिव सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलेगी और कानून के तहत इस मामले की लड़ाई जारी रहेगी।
— अज़हर उमरी, वरिष्ठ पत्रकार
TIMES OF TAJ
डिस्क्लेमर: इस समाचार में व्यक्त आरोप और विचार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव शिव सिंह के बयान पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
