लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 14.82 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए दीपावली से पहले बोनस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बोनस देने की फाइल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुमोदन के लिए भेज दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिनों में इस संबंध में शासनादेश जारी हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 7,000 रुपये तक बोनस दिया जाएगा। इसमें पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारियों को भी बोनस का लाभ मिलेगा।
बोनस पर खर्च होंगे एक हजार करोड़ रुपये से अधिक
सरकार पर बोनस वितरण के लिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय भार आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग की ओर से आदेश जारी किया जाएगा।
कर्मचारियों को 3 प्रतिशत डीए बढ़ने का भी इंतजार
बोनस के बाद वित्त विभाग तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने की फाइल भी मुख्यमंत्री के पास भेजेगा। प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को बढ़ी हुई दर से डीए का नकद लाभ दिसंबर में मिलने वाले नवंबर माह के वेतन के साथ मिलने की संभावना है।
जुलाई से अक्टूबर तक का एरियर जीपीएफ में
जुलाई से अक्टूबर तक की अवधि का एरियर कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में जमा किया जाएगा। इसके अलावा बचत पत्रों के माध्यम से भी भुगतान की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं, प्रदेश के 12 लाख से अधिक पेंशनर्स की महंगाई राहत (डीआर) में भी तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
फिलहाल कर्मचारियों की निगाहें मुख्यमंत्री की मंजूरी और शासनादेश जारी होने पर टिकी हैं।
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डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध जानकारी एवं संबंधित अधिकारियों के हवाले से प्राप्त विवरण पर आधारित है। अंतिम निर्णय शासनादेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
