रिपोर्ट : एस. मुनीर
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वीमेंस कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव 2026 के तहत मंगलवार को कॉलेज के ऑडिटोरियम में फाइनल स्पीच का आयोजन किया गया। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पदों के लिए चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने छात्राओं के सामने अपने चुनावी एजेंडे, प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं को रखा। भाषणों में छात्राओं के अधिकार, समान अवसर, निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी, एएमयू छात्रसंघ में प्रतिनिधित्व, छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक माहौल में सुधार की मांग प्रमुखता से उठी। अध्यक्ष पद के लिए 6, उपाध्यक्ष पद के लिए 4 और सचिव पद के लिए 5 उम्मीदवारों ने भाषण दिए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीदवारों के लिए भाषण का विषय ‘राष्ट्र निर्माण में छात्राओं की भूमिका’ निर्धारित किया था।

अध्यक्ष पद की उम्मीदवार आयशा जमाल ने कहा कि हम केवल महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी वास्तविकता का आकलन करने की जरूरत है। कोई भी शैक्षणिक संस्थान तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक वहां आधी आबादी को उनके पूरे अधिकार न मिलें। उन्होंने कहा कि छात्राओं को भागीदारी के साथ निर्णय लेने का अधिकार भी मिलना चाहिए। हमें अपने अधिकारों की रक्षा करनी है और किसी को भी उन्हें छीनने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।रुकैया खान ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कॉलेज की छात्राओं को अल्पसंख्यक के रूप में देखा जाता है, लेकिन उन्हें उनके अधिकार नहीं दिए जाते। उन्होंने एएमयू छात्रसंघ में लड़कियों के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण की मांग की और बुनियादी जरूरतों को पूरा कराने के लिए काम करने का वादा किया।अनम रियाज ने छात्राओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने एएमयू छात्रसंघ में कॉलेज की छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि वह इसके लिए प्रयास करेंगी। उन्होंने कॉलेज से लेकर छात्रावास तक बुनियादी सुविधाओं की कमी का जिक्र किया और चुनाव जीतने के बाद जिम्मेदारियां तय कराने का वादा किया।तमन्ना मुजफ्फर ने कहा कि हम केवल अपने अधिकारों और अपनी ताकत की मांग कर रहे हैं। हमें वे सभी अधिकार मिलने चाहिए, जो हमारे लिए निर्धारित किए गए हैं। छात्रसंघ का उद्देश्य छात्राओं की आवाज बुलंद करना है और हम ऐसा करके दिखाएंगे।मरियम नाज ने समानता की बात करते हुए कहा कि हम साबित करेंगे कि सच्चाई और सही रास्ते पर चलकर भी चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने विभिन्न जरूरतों के लिए आवंटित किए जाने वाले फंड के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया।तहूरा शकील ने कहा कि देश का भविष्य हमारे विश्वविद्यालय और कॉलेज से जुड़ा है। वीमेंस कॉलेज ने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने एएमयू छात्रसंघ में कॉलेज के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए वादा किया कि वह इस दिशा में काम करेंगी और यहां की छात्राओं को भी छात्रसंघ का हिस्सा बनाने का प्रयास करेंगी।
उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार सानिया सिराज ने कहा कि नेतृत्व किसी एक लिंग की जागीर नहीं है। हमें अपने अधिकारों के लिए सवाल करना और आवाज उठानी होगी। उन्होंने वादा किया कि छात्राओं की जरूरतों को पूरा कराने के लिए वह प्रशासन और छात्राओं के बीच संपर्क की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि वह छात्राओं की आवाज दबने नहीं देंगी।शमा फातिमा ने कहा कि हमें सहानुभूति नहीं, बल्कि समानता का अधिकार चाहिए। चुनाव में सफल होने पर वह इसे सुनिश्चित कराने के लिए काम करेंगी।आयशा खान ने छात्रावासों में बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ कॉलेज में छात्राओं को पेश आने वाली समस्याओं का समाधान कराने का वादा किया। उन्होंने वीमेंस स्टूडेंट्स यूनियन (डब्ल्यूएसयू) की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्राओं को एएमयू छात्रसंघ का हिस्सा क्यों नहीं बनाया गया? उन्होंने इस मुद्दे को भी अपने एजेंडे में शामिल करने की बात कही।मरियम फातिमा ने सवाल उठाया कि छात्राओं को समान अधिकार क्यों नहीं दिए जाते? उन्होंने कॉलेज और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देने का वादा किया, ताकि बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा सके। उन्होंने कॉलेज में गुटबाजी खत्म कराने की बात कहते हुए स्पष्ट किया कि वह किसी भी गुट की उम्मीदवार नहीं हैं।
सचिव पद की उम्मीदवार जोया रहमान ने अपने भाषण में कहा कि किसी विकासशील देश या समाज के निर्माण का मतलब केवल इमारतें, ढांचा और अन्य भौतिक संसाधनों का विकास नहीं है, बल्कि महिला शिक्षा भी है, जो किसी भी समाज की बुनियाद होती है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्राएं विभिन्न विषयों में शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। यह चुनाव छात्राओं की आवाज बुलंद करने और उनके अधिकार सुनिश्चित करने का अवसर है। इसलिए इन मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।सानिया खान ने कहा कि लड़कियों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज को बेहतर और सुंदर बनाना भी है। उन्होंने समानता, परंपराओं के पालन और छात्राओं के अधिकारों पर जोर दिया। साथ ही लाइब्रेरी में पुस्तकों की संख्या बढ़ाने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और छात्रावासों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया।रुकैया खातून ने सवाल उठाया कि आठ साल तक छात्राओं को छात्रसंघ से वंचित क्यों रखा गया और छात्र-छात्राओं को भूख हड़ताल करने की नौबत क्यों आई? उन्होंने छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाने का वादा किया।जैनब ने कहा कि वह कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाएंगी और छात्राओं की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाकर उनका समाधान कराने का प्रयास करेंगी।मरियम जान ने वादा किया कि चुनाव में सफल होने पर एएमयू छात्रसंघ में छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित कराएंगी। उन्होंने कहा कि कोई भी उन्हें इस अधिकार से वंचित नहीं रख सकता और वे एक नया इतिहास रचेंगी।
फाइनल स्पीच के अवसर पर वीमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर शफकत इम्तियाज, चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रही कोर कमेटी के सदस्य, छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रोफेसर नाजिया हसन ने बताया कि कॉलेज में 5 नवंबर को मतदान होगा। इसके लिए 5 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4080 छात्राएं अपने मताधिकार का प्रयोग कर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कैबिनेट के 8 सदस्यों और कोर्ट सदस्यों का चुनाव करेंगी। इसी दिन शाम को मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। फाइनल स्पीच के आयोजन में डॉ. फराह आबिदीन, डॉ. मंसूर आलम और डॉ. सुहैल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम ने भी कॉलेज पहुंचकर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया।
