केंद्र सरकार ने जनगणना नियमों में किया संशोधन, यूपी शासन ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को जारी किए निर्देश; प्रगणकों की नियुक्ति के लिए बढ़ाया गया पात्रता का दायरा
लखनऊ, आगामी जनगणना की तैयारियों के बीच केंद्र सरकार ने प्रगणकों की नियुक्ति के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब जनगणना कार्य के लिए केवल सरकारी शिक्षकों पर निर्भर नहीं रहना होगा, बल्कि निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों, बैंक कर्मचारियों, विभिन्न सरकारी विभागों के लिपिकों और अधिकारियों सहित निजी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी प्रगणक नियुक्त किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार ने जनगणना नियमों में संशोधन कर प्रगणक नियुक्त करने के लिए पात्र व्यक्तियों की सूची का विस्तार किया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश शासन ने जनगणना कार्य के लिए पर्याप्त मानव संसाधन जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
किन लोगों को बनाया जा सकेगा प्रगणक?
प्रमुख सचिव एसवीएस रंगा राव ने इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। संशोधित नियमों के अनुसार अब सरकारी, स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को भी प्रगणक बनाया जा सकेगा।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों तथा सार्वजनिक और निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत लिपिकों और अधिकारियों की भी जनगणना कार्य में तैनाती की जा सकेगी।
बैंक, कंपनियां और सार्वजनिक उपक्रम भी दायरे में
संशोधित नियमों के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैधानिक निकायों, बैंकों, कंपनियों, संस्थाओं, सोसायटियों और न्यासों में कार्यरत कर्मचारियों को भी प्रगणक नियुक्त करने का विकल्प मिलेगा।
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन किसी अन्य ऐसे व्यक्ति को भी प्रगणक नियुक्त कर सकेगा, जिसे जनगणना कार्य के लिए उपयुक्त समझा जाए।
जनगणना कार्य में बढ़ेंगे मानव संसाधन के विकल्प
सरकार के इस फैसले से जनगणना के लिए उपलब्ध कर्मचारियों का दायरा बढ़ेगा। जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संस्थानों से कर्मचारियों की सेवाएं लेकर प्रगणकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए जनगणना कार्य के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध सरकारी जानकारी एवं प्राप्त विवरण के आधार पर तैयार किया गया है।
