आगरा: शारदा यूनिवर्सिटी आगरा द्वारा आयोजित प्रिंसिपल्स’ कॉन्क्लेव 2025 – आगरा चैप्टर का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर सी. वी. रमन हॉल में संपन्न हुआ। इस कॉन्क्लेव में आगरा और आसपास के जिलों के प्रमुख विद्यालयों के सम्मानित प्रिंसिपलों ने भाग लिया और शिक्षा में नवाचार, तकनीकी एकीकरण और भविष्य की सीख पर विचार साझा किए।

डायरेक्टर आउटरीच साइबल चटर्जी ने कहा कि,
“शारदा यूनिवर्सिटी आगरा शिक्षा में नवाचार, तकनीकी एकीकरण और बहुआयामी लर्निंग मॉडल को संस्थागत रूप से लागू कर रही है। हम इंडस्ट्री–अकादमिक इंटीग्रेशन, स्टार्टअप कल्चर, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और AI-ड्रिवेन लर्निंग प्लेटफॉर्म्स पर विशेष रूप से कार्य कर रहे हैं। ऐसे कॉन्क्लेव शैक्षिक नेतृत्व को साझा मंच प्रदान करते हैं और शिक्षा के भविष्य को नई दिशा देते हैं।”
कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) जयंती रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि,
“यह समय शिक्षा प्रणाली को तकनीक आधारित, अनुसंधान उन्मुख और नवाचार केंद्रित बनाने का है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और फ्यूचर-स्किल्स से लैस कर राष्ट्र को विश्व नेतृत्व की दिशा में अग्रसर कर रहा है। स्कूल स्तर से ही एजुकेशनल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिविटी, प्रॉब्लम-सॉल्विंग और इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग पर जोर देना होगा।”
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर एमेरिटस (डॉ.) वी. पी. एस. अरोड़ा ने कहा कि उच्च शिक्षा में नवाचार, प्रोजेक्ट-आधारित सीख, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ही भविष्य की प्रमुख दिशा तय करेंगे। उन्होंने NEP-2020 की महत्ता बताते हुए कहा कि यह शिक्षा को पारंपरिक ज्ञान से आगे बढ़ाकर उद्यमिता, अनुसंधान, एग्रिबिजनेस, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और टेक-इंटीग्रेटेड लर्निंग से जोड़ती है।
मुख्य अतिथि डॉ. अशोक गांगुली, पूर्व चेयरपर्सन – CBSE, ने “Education & Skilling in an Era of NEP 2020 & AI” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि NEP-2020 भारत की शिक्षा प्रणाली को कौशल आधारित, नवाचार केंद्रित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बना रही है। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों में Critical Thinking, Problem-Solving और Technological Literacy विकसित करने का आह्वान किया।
प्रो चांसलर श्री वाई. के. गुप्ता ने प्रिंसिपलों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि शारदा यूनिवर्सिटी आगरा शिक्षा के सतत उन्नयन के लिए समर्पित है। वहीं, चांसलर श्री पी. के. गुप्ता ने शुभकामना संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि भारत का भविष्य उसके शिक्षण संस्थानों के प्रभावी नेतृत्व पर निर्भर करता है।
कार्यक्रम में प्रिंसिपलों का सम्मान किया गया और नेटवर्किंग लंच के साथ आयोजन का सफल समापन हुआ। उपस्थित अतिथियों ने शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के इस प्रयास की सराहना की।
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