नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने नए मोबाइल फोनों में सरकार द्वारा विकसित साइबर सुरक्षा ऐप ‘संचार साथी’ को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपयोगकर्ता अब इस ऐप को अपने फोन से डिलीट नहीं कर पाएंगे।
सरकार का कहना है कि यह कदम ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल-मैसेज और मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए उठाया गया है। नए निर्देश के तहत कंपनियों को तीन महीने के भीतर इसे लागू करना होगा। इसका असर एप्पल, सैमसंग, शाओमी, ओप्पो और वीवो जैसे प्रमुख स्मार्टफोन निर्माताओं पर पड़ेगा।
‘संचार साथी’ ऐप मोबाइल के IMEI नंबर के माध्यम से चोरी या खोए फोन को ब्लॉक और ट्रैक करने में मदद करता है। इसके अलावा यह फर्जी कॉल, एसएमएस और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध संदेशों की शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी देता है। जनवरी में लॉन्च होने के बाद अब तक इस ऐप को 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए हाल ही में DoT ने व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसी सेवाओं में SIM-बाइंडिंग लागू करने का निर्देश भी दिया है। इसका मतलब है कि अकाउंट केवल उसी SIM से सक्रिय रहेगा, और अन्यथा ऐप काम नहीं करेगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड और मोबाइल चोरी पर नियंत्रण के लिए जरूरी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अनिवार्य प्री-इंस्टॉल ऐप उपभोक्ता की गोपनीयता और स्वतंत्रता पर असर डाल सकता है।

