आगरा: ताज लिटरेचर क्लब द्वारा मंगलवार को अपने आगरा कार्यालय पर काव्य संध्या का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अशोक अग्रवाल, अध्यक्ष ई राजकुमार शर्मा, संस्थापिका भावना वरदान शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
काव्य संध्या में आगरा के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों ने हिंदी एवं ब्रजभाषा में रचनाओं की प्रस्तुति दी। डॉ रामप्रकाश चतुर्वेदी, डॉ ऊषा गिल, डॉ रामेंद्र शर्मा रवि, प्रभु दत्त उपाध्याय, कामेश मिश्रा सनसनी, अरविंद कपूर, अशोक अग्रवाल ने अपनी मधुर रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रमुख प्रस्तुतियाँ:
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प्रभु दत्त उपाध्याय ने सामाजिक और धार्मिक विषयों पर आधारित मार्मिक पंक्तियाँ सुनाईं:
“मजहबी उन्माद कुछ फैला है ऐसा देश में।
भेडिये हैं घूमते यहाँ आदमी के भेष में।
बेटियां काफिर की हैं तो ये भी काफिर बन गये।
हरन सीता का करें ये साधुओं के भेष में।” -
डॉ रामेंद्र शर्मा रवि ने अपनी ब्रजभाषा की कुंडलियाँ प्रस्तुत कीं:
“कुण्डलिया नित लिखि रयौ, लै वाणी कौ नाम।
मोकूँ इतनी सक्ति दै, करूँ सृजन अविराम।
करूँ सृजन अविराम, बैठि चरननि में त्यारे।
तन वृन्दावन होइ, हृदय में स्याम हमारे।
बोलै जग ब्रजभास, है ‘रवि’ नै प्रण लयौ।
तामारै हूँ नित्य, ब्रज कुण्डलिया लिखि रयौ।” -
डॉ अरविंद कपूर ने कविता ‘मौन प्रीति’ प्रस्तुत की:
“यहाँ मौन है चिरस्थायी सा
मंत्र मुग्ध कली शर्मायी सा
पवन बहती है उनसे पूछ पूछ
पत्ता ना विलग हो बेल अल्साई का
मौन मंत्रों ने बांध दिया बादल
ओस ठहर गई हो ध्यान मगन
तरुवर भी स्थिर शांत चित यहाँ
यहाँ खेल नहीं किसी तमाशाई का” -
डॉ ऊषा गिल ने कविता ‘पतझड़’ सुनाई:
“तुझ बिन पतझड़ और वीराने
दोस्त बने सभी अनजाने
सुनते हैं कई आयी बहारें
सहज तेरा आना मुश्किल है
और सभी कुछ सह सकते हैं
घुटन का सहना मुश्किल है
सच को सुनना और सुनाना
आज भी कितना मुश्किल है……..”
कार्यक्रम में डॉ कृष्णा दत्ता चार्य, डॉ वेद प्रकाश त्रिपाठी, सुरेश शर्मा, पूरन सिंह यादव, ओमप्रकाश अग्रवाल, राकेश शर्मा, वरदान शर्मा सहित कई साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का धन्यवाद सचिव सुरेश शर्मा ने किया और संचालन संस्थापिका भावना वरदान शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि ताज लिटरेचर क्लब पिछले 10 वर्षों से हिंदी एवं ब्रजभाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय है। वर्ष 2025 की यह अंतिम काव्य गोष्ठी थी, जिससे ब्रजभाषा साहित्य और साहित्यकारों को प्रोत्साहन मिलता है।
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