रामपुर: वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दो पैन कार्ड रखने के मामले में पहले से ही सात साल की जेल काट रहे अब्दुल्ला आजम को अब दो पासपोर्ट हासिल करने के मामले में भी सात साल की कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत में उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।
यह मामला 2019 में सामने आया था जब भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों का इस्तेमाल करके दो पासपोर्ट बनवाए, और उनमें से एक का उपयोग विदेश यात्रा के लिए किया। अब्दुल्ला आजम ने एफआईआर को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा था।
रामपुर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने 5 दिसंबर को अब्दुल्ला आजम को धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेज़ों के उपयोग के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें सात साल की कैद और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। सजा सुनाए जाने के दौरान अब्दुल्ला आजम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मौजूद रहे।
अब्दुल्ला आजम और उनके पिता आजम खान पहले से ही पैन कार्ड से जुड़े दो मामलों में जेल में बंद हैं। पासपोर्ट मामले में नई सजा ने उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, और उनके मामलों का सिलसिला अब और भी जटिल और गंभीर होता जा रहा है।

