नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि शिमला की संजौली मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनसे मिलने आए। बैठक में मस्जिद विवाद और कानूनी मामलों पर लंबी चर्चा हुई।

हिमाचल कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष इकबाल अहमद भी इस कानूनी लड़ाई में लतीफ के साथ हैं। कमेटी की संजीदगी और स्थिरता की सभी ने सराहना की।
मस्जिद विवाद का पृष्ठभूमि:
शिमला की संजौली मस्जिद पर अवैध निर्माण का विवाद लंबे समय से चल रहा है। नगर निगम ने मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलें हटाने के आदेश दिए थे। दिसंबर 2025 में हिमाचल हाईकोर्ट ने ग्राउंड और पहली मंजिल पर स्टेटस क्वो बनाए रखने का आदेश दिया, जबकि ऊपरी मंजिलों को हटाने की अनुमति बरकरार रखी गई। वक्फ बोर्ड ने जिला अदालत के पूर्ण ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती दी थी।
कमेटी की कानूनी लड़ाई:
मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष लतीफ मोहम्मद 2006 से पद पर हैं, जिनकी वैधता पर सवाल उठे, लेकिन वक्फ बोर्ड ने उनका समर्थन किया।

इमरान प्रतापगढ़ी ने पहले भी हाईकोर्ट के स्टे आदेश पर कमेटी को बधाई दी थी, जिससे AIMIM ने क्रेडिट लेने का आरोप लगाया। कमेटी ने स्थानीय दबाव और विवाद के बावजूद कोर्ट में संयम और संजीदगी के साथ लड़ाई जारी रखी।
इस बैठक ने विवाद के शांतिपूर्ण और कानूनी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

