विधायक रईस शेख ने अखिलेश यादव को लिखा पत्र, अबू आज़मी पर गंभीर आरोप
मुंबई।महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक रईस शेख ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र लिखकर महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आज़मी की कार्यशैली और गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पत्र में शेख ने आज़मी पर जानबूझकर उन्हें परेशान करने और पार्टी के भीतर भारी अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया है।
रईस शेख का कहना है कि अबू आज़मी की कार्यशैली के चलते विशेष रूप से भिवंडी और मुंबई नगर निगम चुनावों में पार्टी की तैयारियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में पूरी तरह मनमानी की गई और जमीनी कार्यकर्ताओं व संभावित उम्मीदवारों की राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
टिकट वितरण पर सवाल
शेख ने पत्र में लिखा है कि आज़मी द्वारा किए गए कुप्रबंधन से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है, जिससे नगर निगम चुनावों में समाजवादी पार्टी की संभावनाएं कमजोर पड़ रही हैं। विधायक के अनुसार, “इस तरह के फैसलों से पार्टी का मनोबल गिर रहा है और संगठन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।”
‘मुझे कोई नहीं रोक सकता’ बयान पर नाराजगी
रईस शेख ने अबू आज़मी की कथित सार्वजनिक टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि खबरों के मुताबिक आज़मी यह दावा कर रहे हैं कि “उन्हें कोई नहीं रोक सकता।” शेख के अनुसार, जवाबदेही के बिना सत्ता और अहंकार का यह रवैया महाराष्ट्र में सपा की एकता और अनुशासन के लिए बेहद खतरनाक है।
चुनावी नुकसान की चेतावनी
विधायक ने पत्र में साफ चेतावनी दी है कि आंतरिक कलह का सीधा असर नगर निगम चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भिवंडी और मुंबई जैसे अहम क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष गहराता जा रहा है, जो चुनावी समन्वय और रणनीति को कमजोर कर रहा है।
अखिलेश यादव से हस्तक्षेप की मांग
रईस शेख ने अबू आज़मी से उनके कार्यों और बयानों पर तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की है कि स्थिति और बिगड़ने से पहले वे स्वयं हस्तक्षेप करें। शेख ने जोर देकर कहा,
“पार्टी इस तरह के दुर्व्यवहार को नजरअंदाज नहीं कर सकती, क्योंकि इससे कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जनता का भरोसा भी टूट सकता है।”
इस पत्र के सामने आने के बाद महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के भीतर सियासी तनाव और गहराने की संभावना जताई जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब नगर निगम चुनावों को पार्टी की राजनीतिक ताकत की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

